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वर्तमान युग में हुनरमंद होना सबसे महत्वपूर्ण : महापौर

आज के युग में यदि आप हुनरमंद नहीं हैं तो आपको कोई नहीं पूछने वाला तथा आने वाले जीवन में भी आपको आगे बढऩे में बहुत समस्याएं आएंगी।

वर्तमान युग में हुनरमंद होना सबसे महत्वपूर्ण : महापौर

कौशल प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट द्वारा रोजगार कार्यक्रम का उद्घाटन

ग्वालियर | आज के युग में यदि आप हुनरमंद नहीं हैं तो आपको कोई नहीं पूछने वाला तथा आने वाले जीवन में भी आपको आगे बढऩे में बहुत समस्याएं आएंगी। वर्तमान युग में हुनरमंद होना सबसे महत्वपूर्ण है। उक्त आशय के विचार महापौर विवेक नारायण शेजवलकर ने शुक्रवार को माधव प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान के विभाग उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित किए जा रहे दीनदयाल अन्तोदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के अन्तर्गत कौशल प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट द्वारा रोजगार कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में व्यक्त किये।

महापौर श्री शेजवलकर ने कहा कि वर्तमान समय में हुनर प्राप्त किए हुए युवाओं की बहुत मांग है, आज किसी भी कार्य को करने के लिए उस कार्यक्षेत्र के ऐसे विशेषज्ञ की आवश्यकता पड़ती है जिसने उस विषय में विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त किया हो। उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे बेरोजगार युवक, युवतियों को विभिन्न ट्रेडों में नि:शुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है जिससे वे किसी शासकीय,अद्र्वशासकीय, निजी एवं अपना स्वयं का स्वरोजगार स्थापित कर सकें और अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें।

इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ईडीसी सेल के एडवाईजर कमेटी के चैयरमेन एवं प्रोफेसर, सिविल इंजीनियरिंग डॉ. एमके त्रिवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बेरोजगारी को दूर करने के लिए कौशल विकास एक बहुत ही महत्वपूर्ण एवं प्रभावी साधन है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभाकर सिंह भदौरिया ने किया।


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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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