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राज्यपाल के लक्ष्य से तनाव में अधिकारी, आदेश से खफा कर्मचारी

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को होने वाले कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के राज्यपाल एवं कुलाधिपति के १००० के लक्ष्य ने जीवाजी विवि के अधिकारियों की चिंता बढ़ा रखी है।

राज्यपाल के लक्ष्य से तनाव में अधिकारी, आदेश से खफा कर्मचारी

योग दिवस के कार्यक्रम के लिए राज्यपाल ने जीवाजी विवि को दिया है 1000 की भीड़ का लक्ष्य

विवि ने कर्मचारियों को दिए सख्त निर्देश, कार्यक्रम में नहीं पहुंचे तो कटेगा वेतन, नहीं चलेगा कोई बहाना

ग्वालियर | अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को होने वाले कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के राज्यपाल एवं कुलाधिपति के १००० के लक्ष्य ने जीवाजी विवि के अधिकारियों की चिंता बढ़ा रखी है। यही वजह है कि भीड़ जुटाने के लिए वह मनमाना आदेश जारी कर रहे हैं। विवि ने सख्त आदेश जारी कर सभी से कहा है कि वह कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से पहुंचे अन्यथा वेतन कटेगा। यदि कोई अधिकारी, शिक्षक व कर्मचारी अवकाश पर रहता है तो उसे मेडिकल बोर्ड का प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से देना होगा। इस आदेश से कर्मचारियों में आक्रोश हैं और वह इसे तुगलकी फरमान बता रहे हैं।

ग्वालियर प्रवास के दौरान कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने जीवाजी, संगीत एवं कृषि विवि के कुलपतियों से सख्त लहजे में कहा था कि योग दिवस के कार्यक्रम में अधिक संख्या बढ़ाई जाए। उसके बाद राजभवन की तरफ से आदेश भी जारी किए गए। इस फरमान से जीवाजी विवि के अधिकारी तनाव में हैं और उन्हें यह चिंता सता रही है कि भीड़ कैसे जुटाएं। इसलिए विवि प्रशासन ने फरमान जारी कर कहा है कि सभी अधिकारी, शिक्षक व कर्मचारी कार्यक्रम में 21 जून को सुबह 6.15 बजे स्वामी विवेकानंद उद्यान में अनिवार्य रूप से पहुंचे।

प्रशासन ने यह आदेश विशेष तौर पर कर्मचारियों के लिए जारी किया है क्योंकि कई कार्यक्रम में कर्मचारियों के न पहुंचने से संख्या कम रहती है। प्रशासन ने यहां तक कह दिया कि जो कर्मचारी अवकाश पर रहेगा उसे मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र देना होगा अन्यथा उनका वेतन काटा जाएगा। विवि के कर्मचारी इस तुगलकी फरमान का विरोध कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि विवि इस तरह के आदेश जारी कर हम पर तानाशाही रवैया अपना रहा है। यदि कोई कर्मचारी जरूरी कार्य के लिए अवकाश पर रहता है तो वह मेडिकल बोर्ड का प्रमाण-पत्र क्यों देगा? यदि कोई बीमार है तो उसे कर्मचारी प्रमाण-पत्र लेना चाहिए।

इनका कहना है

21 जून को विश्य योग दिवस के उपलक्ष्य में योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके कार्यक्रम के लिए विवि के अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। यदि कोई अनुपस्थित रहता है तो उसे मेडिकल बोर्ड का प्रमाण-पत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा अन्यथा संंबंधित का वेतन काटा जाएगा।

-प्रो. आनंद मिश्रा

कुलसचिव, जीवाजी विवि

विवि के कर्मचारी प्रशासन का हमेशा सहयोग करते हैं और कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता करते हैं। योग दिवस के कार्यक्रम में भी कर्मचारी ज्यादा से ज्यादा शामिल होंगे। अनुपस्थित कर्मचारी को मेडिकल बोर्ड का प्रमाण-पत्र देने का जो आदेश है वह कहीं न कहीं विरोधाभास पैदा कर रहा है। किसी कारणवश यदि कोई कर्मचारी अनुपस्थित रहता है और उसका वेतन काटा जाता है तो यह सरासर गलत है। इसका विरोध किया जाएगा।

-राकेश गुर्जर

प्रांताध्यक्ष, मप्र विश्वविद्यालयीन(गैर शिक्षक)कर्मचारी महासंघ



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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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