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थाटीपुर संवेदनशील घोषित, दो दिन पुलिस की नाकेबंदी

थाटीपुर संवेदनशील घोषित, दो दिन पुलिस की नाकेबंदी

हर आने-जाने वालों पर रखी जा रही है नजर

ग्वालियर/न.सं.यदि आप को थाटीपुर थाना क्षेत्र के कुम्हरपुरा और उसके आसपास काम है तो आपको पुलिस की चैकिंग से होकर गुजरना होगा। अब ये क्षेत्र पुलिस की निगरानी में और गाडिय़ों से घूमकर वरिष्ठ अधिकारी भ्रमण कर रहे हैं। पूरा क्षेत्र पुलिस नाकेबंदी में रहेगा।

दो अप्रैल उपद्रव कांड की बरसी का जैसे-जैसे दिन करीब आता जा रहा है वैसे वैसे थाटीपुर थाना क्षेत्र में पुलिस का शिकंजा भी बढ़ता जारहा है। सोमवार को कुम्हरपुरा, भीमनगर, साठ फुठा रोड, श्रीनगर कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, अशोक कॉलोनी, गोाम बस्ती, नदीपार टाल आदि बस्तियों में पुलिस पहरा बैठा दिया जाएगा। यहां पर हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है। पुलिस एक अप्रैल से ही संवदेनशील क्षेत्रों की नाकेबंदी कर देगी। रविवार को भी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नगर पुलिस अधीक्षक सहित बल के साथ गाडिय़ों का काफिले के साथ भ्रमण कर रहे हैं। देर रात तक किसी को भी बेवजह घर से बाहर घूमने की इजाजत नहीं है। जिन लोगों के खिलाफ पहले मामले दर्ज हुए थे पुलिस उनसे सम्पर्क शांतिपूर्ण माहौल रखने के लिए कह रही है। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी सूरत में माहौल को खराब करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। वरिष्ठ अधिकारी एक सप्ताह से सद्भावना बनाए रखने के लिए लोगों के बीच जाकर बातचीत की है। पुलिस सोमवार को थाटीपुर क्षेत्र में लोगों को झुंड बनाकर खड़ा नहीं होने देगी। रविवार को सुबह और फिर शाम को पुलिस की गाडिय़ों का काफिला निकला।

प्रशासन स्वयं शांति भंग कराना चाहता है: माहौर

डीआर माहौर ने जिलाधीश और पुलिस अधीक्षक पर शांति भंग कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2 अप्रैल को मारे गए युवकों को श्रंदाजलि अर्पित करना कोई अपराध नहीं है। लेकिन प्रशासन जान बूझकर कार्यक्रमों को रोककर माहौल में आक्रोश पैदा कर रहे हैं। एडवोकेट डीआर माहौर मुन्ना, पंकज, अजय चौकोटिया लेख्रराम पानसिंह माहौर ने मृतकों को श्रंदाजलि अर्पित करने की अपील की है।

अजाक्स करेगा शांति बनाए रखने की अपील

अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अधिकारी एंव कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मुकेश मौर्य ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 2 अप्रैल 2018 की घटना को ध्यान में रखते हुए शांति बनाए रखने के लिए एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें जिला अजाक्स के सभी कर्मचारी अपने स्तर पर शांति बनाए रखने का प्रयास करेंगे। किसी प्रकार की अप्रिय सूचना अजाक्स कार्यालय को सूचित करें। बैठक मे सभी से शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पूर्ण सहयोग की बात को बैठक में दोहराया गया। बैठक में मानसिंह, शंकरलाल शाक्य, मनोहर लाल, लक्ष्मणसिंह, महीप सहित अन्य लोग मौजूद थे।

धारा 144 के तहत आदेश जारी, उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई


जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट संदीप केरकेट्टा द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले में केंद्र एवं राज्य सरकार के शासकीय अर्ध शासकीय कार्यालय, निगम, मंडल एवं बोर्ड आदि के अधिकारी, कर्मचारी बिना लिखित सक्षम अनुमति प्राप्त किए अवकाश पर नहीं रहेंगे तथा मुख्यालय भी नहीं छोड़ेंगे।

जारी आदेश के अनुसार जिले की सीमा के अंतर्गत किसी भी सार्वजनिक स्थल पर बिना अनुमति के 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने, धरना प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी, भीड़ का जमाव भी प्रतिबंधित रहेगा । जिले में आम्र्स अधिनियम के तहत शस्त्र लाइसेंस निलंबित हैं परंतु न्यायाधीशों, प्रशासनिक अधिकारी, उनकी सुरक्षा एवं अन्य किसी शासकीय कर्तव्य पालन के समय ड्यूटी पर लगाए गए सुरक्षाबलों अर्ध सैनिक बलों विशिष्ट व्यक्तियों अधिकारियों की सुरक्षा के लिए लगाए गए पुलिसकर्मियों को छोडक़र प्रत्येक व्यक्ति का शस्त्र धारण करना एवं प्रदर्शन करना प्रतिबंधित किया गया है। आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के विस्फोटक, आयुध तथा ऐसी सामग्री जिससे खतरा उत्पन्न हो सकता है। हथियार जैसे लाठी, डंडा, सरिया फावड़ा हॉकी आदि का प्रदर्शन नहीं करेगा ना ही लेकर चलेगा। यह आदेश 1 अप्रैल की सुबह 6 बजे से 3 अप्रैल की रात्रि 12 बजे तक जिले की सीमा क्षेत्र में प्रभाव शील रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 188 एवं अन्य दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्यवाही होगी।

नहीं लिख सकेंगे भडक़ाऊ नारे

आदेश में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी भवन संपत्ति चाहे वह सार्वजनिक हो या निजी उस पर आपत्तिजनक भाषा अथवा भडक़ाऊ नारे लिखना प्रतिबंधित रहेगा। कोई भी व्यक्ति बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग नहीं कर सकेगा साथ ही वर्ग धर्म एवं संप्रदाय में विद्वेष उत्पन्न करने वाली भडक़ाऊ पोस्ट सोशल मीडिया पर फॉरवर्ड नहीं करेगा।

Naveen ( 1696 )

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