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छात्रों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, कुलपति-परीक्षा नियंत्रक कक्ष छोड़कर भागे

जीवाजी विश्वविद्यालय में शुक्रवार को समस्याओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एवं अधिकारियों के बीच जमकर तकरार हुई।

भाराछासं के छात्रों ने कुलपति सहित अन्य अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप, परीक्षा नियंत्रक से कहा आप पैसे देकर आए हैं

ग्वालियर | जीवाजी विश्वविद्यालय में शुक्रवार को समस्याओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एवं अधिकारियों के बीच जमकर तकरार हुई। छात्रों ने अधिकारियों पर भ्रष्टाचार एवं गड़बडिय़ों के आरोप लगाए। परीक्षा नियंत्रक को घेरते हुए कहा कि आप तो मंत्री को पैसे देकर यहां पर आए। यहां पर जो काला-पीला चल रहा है वह हमें सब पता है। इस पर कुलपति ने सख्त आपत्ति दर्ज कराई और अधिकारियों के साथ अपना कक्ष छोड़कर बाहर निकल गईं और बाद में अधिकारियों की जमकर क्लास ली। विवि के अभियांत्रिकी संस्थान के छात्र भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के राष्ट्रीय सचिव नीतेश गौड़ एवं सचिव द्विवेदी के नेतृत्व में विवि पहुंचे और कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला को समस्याओं से अवगत कराया।

परीक्षा से जुड़ा मामला होने की वजह से उन्होंने परीक्षा नियंत्रक प्रो. राकेश कुशवाह को भी मौके पर बुला लिया। उन्हें देखते ही छात्रनेता आरोप लगाने लगे कि इन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं। वह स्वयं पैसे देकर यहां पर आए हैं। मंत्री का खास होने की वजह से कुलपति-कुलसचिव उनसे कुछ नहीं बोलते। यह सुनकर कुलपति, कुलसचिव सहित अन्य अधिकारी गुस्से में आ गए और उन्होंने इन आरोपों का सख्त तरीके से विरोध किया और सभी लोग कुलपति कक्ष से बाहर निकलकर चले गए। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की भाषा में हम बात नहीं कर सकते। हालांकि बाद में छात्रनेता भी बाहर निकल गए और प्रशासनिक भवन के बाहर धरना शुरू कर दिया।

कुलपति ने अधिकारियों को लगाई फटकार

इस घटनाक्रम के बाद कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने सभी अधिकारियों की क्लास ली। उन्होंने कहा कि आप लोगों की गलती की वजह से हमें इस तरह के बेबुनियाद आरोपों को झेलना पड़ता है। यदि समय पर परीक्षा परिणाम निकाले जाते तो यह बात सामने नहीं आती। उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। वहीं अधिकारियों ने कहा कि कलकत्ता की एजेंसी की वजह से ही इस तरह की फजीहत हो रही है। एजेंसी समय पर रिजल्ट नहीं निकाल रही है। गलतियों की वजह से छात्रों की परेशानी हो रही है। एजेंसी पर जब तक कार्रवाई नहीं होगी तब तक समस्याएं दूर नहीं होंगी।

छात्र नेता ने रखी थी नोटों की गड्डी

इससे पहले सचिन द्विवेदी ने परीक्षा नियंत्रक के सामने नोटों की गड्डी रखी थी और कहा था कि यह लो पैसे और परीक्षा तिथि आगे बढ़ाओ। यहां पर बिना पैसों के कोई काम नहीं होता है। इस मामले को लेकर विवि प्रशासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था पर बाद में मामले को दबा दिया गया।

बीडीएस छात्रों ने दो घंटे दिया धरना

दोपहर में बीडीएस के छात्र भी प्रशासनिक भवन पहुंच गए। वह बीडीएस चतुर्थ प्रोफ. की परीक्षा आगे बढ़ाने की मांग को लेकर करीब दो घंटे तक प्रशासनिक भवन के बाहर धरने पर बैठे रहे। इस दौरान छात्रों ने जमकर हंगामा-प्रदर्शन किया। हंगामे की सूचना पर कुलसचिव प्रो. आनंद मिश्रा छात्रों से मिलने पहुंचे और उन्हें परीक्षाएं आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह परीक्षाएं 15 जुलाई के बाद कराई जाएंगी। शासन को विवि प्रशासन ने यह परीक्षा स्थगित कर दी है। जबकि बीडीएस की अन्य परीक्षाएं 25 जून से होंगी।

छात्रों की प्रमुख मांगें

- अभियांत्रिकी संस्थान में शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।

- संस्थान मेें व्याप्त समस्याओं को दूर किया जाए। खासकर पानी की किल्लत को समाप्त करें।

- इंजीनियरिंग की परीक्षाएं न तो समय पर हो रही हैं और न ही परीक्षा परिणाम भी निकल रहा है।

- संस्थान के निदेशक बहुत कम आते हैं, उन्हें यहां से हटाया जाए।

- मल्टी आर्ट कॉम्प्लेक्स का निर्माा जल्द जल्द से कराया जाए।

- विवि में शिक्षकों की जो नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है उसमें पारदर्शिता बरती जाए।

- इसके अलावा यहां की अन्य समस्याओं को दूर किया जाए



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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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