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तिहाड़ और महाराष्ट्र जेल की तर्ज पर मध्यप्रदेश की जेलें होंगी हाईटैक

तिहाड़ और महाराष्ट्र जेल की तर्ज पर मध्यप्रदेश की जेलें होंगी हाईटैक

प्रशासनिक संवाददाता भोपाल

मध्यप्रदेश की जेलों को आधुनिक और सुविधा सम्पन्न बनाने के लिए सरकार के जेल विभाग ने अब दिल्ली की तिहाड़ जेल की तर्ज पर सुरक्षा व्यवस्था लागू करने के साथ ही महाराष्ट्र की खुली जेलों की तर्ज पर अच्छे रिकार्ड वाले कैदियों के लिए ओपन जेल बनाने की तैयारी कर ली है। हाल ही में राजधानी में पहली बार देशभर की जेलों के महानिदेशक और अतिरिक्त महानिदेशकों के दो दिवसीय सम्मेलन में साझा किए गए तौर-तरीकों के बाद इन पर मंथन किया जा रहा है।

सीएपीटी में दो दिवसीय सम्मेलन में सभी राज्यों के जेल प्रभारी महानिदेशक और अतिरिक्त महानिदेशकों तथा एक-एक अन्य अधिकारी को आमंत्रित किया गया था। सेमिनार में 17 राज्यों तथा दो केन्द्र शासित प्रदेश के जेल प्रभारियों ने भाग लिया। सम्मेलन में जेलों के पुराने कामकाज में बदलाव और इन्हें आधुनिक तौर-तरीकों से लागू करने, जेलों की सुरक्षा, बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण, बंदियों की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से पेशी कराने आदि बिन्दुओं को अधिकारियों ने साझा किया। मुख्य रूप से जेलों की सुरक्षा और सुधार पर अधिकारियों ने अपने-अपने पक्ष रखे। सेमिनार में दिल्ली की तिहाड़ जेल की चौकस सुरक्षा व्यवस्था, यहां बंद खूंखार कैदियों की किस तरह निगरानी की जा रही है, इस पर चर्चा सेमिनार का मुख्य बिन्दु रहा।

इसके अलावा महाराष्ट्र की खुली जेलों में अच्छे आचरण वाले बंदियों को उनके परिजनों को साथ रखने के विषय को काफी सराहा गया। प्रदेश में होशंगाबाद, सतना, सागर, इंदौर तथा जबलपुर में पांच खुली जेल संचालित हो रही हैं। यहां आजीवन कारावास की सजा से दंडित करीब एक सौ से अधिक कैदियों को रखा गया है। कैदियों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण हो रहा है। भोपाल में खुली जेल बनकर तैयार हो गई है। इस जेल में दस कैदियों को रखा जाएगा।

सम्मेलन में तिहाड़ जेल की सुरक्षा व्यवस्था के फार्मूला को अपनाने के लिए कई राज्यों के जेल अधिकारी सहमत हैं। मध्यप्रदेश जेल के अधिकारी भी यहां की जेलों में ऐसी ही सुरक्षा व्यवस्था लागू करने पर विचार-मंथन कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश की जेलों में करीब 28 हजार कैदी और बंदियों को रखने की क्षमता है, जबकि वर्तमान में जेलों में 42 हजार से अधिक बंदी और कैदी बंद रहते हैं। जेल मुख्यालय तिहाड़ जेल की तरह सुरक्षा व्यवस्था और महाराष्ट्र के पैटर्न पर जिलों में अधिकाधिक खुली जेलें खोलने पर मंथन कर रहा है। ये प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे। वहां से अनुमति मिलने के बाद आगे की कार्यवाही शुरू होगी।

Naveen ( 1696 )

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