Home > राज्य > मध्यप्रदेश > भोपाल > मातृ वंदना योजना पूरे प्रदेश में होगी लागू

मातृ वंदना योजना पूरे प्रदेश में होगी लागू

प्रदेश के सभी जिलों में मातृ वंदना योजना लागू होगी।

मातृ वंदना योजना पूरे प्रदेश में होगी लागू

भू-राजस्व संहिता 2018 संशोधन व पेटलावद जांच आयोग की रिपोर्ट को भी मंजूरी

भोपाल ब्यूरो । प्रदेश के सभी जिलों में मातृ वंदना योजना लागू होगी। माताओं के प्रति परिवार की जिम्मेदारी की भावना बढ़ाने और इस लगातार कम हो रहे सम्मान की कमी को ध्यान में लाते हुए यह योजना अब पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी, जिससे कि माताओं को सुरक्षा मिल सके। वहीं उनके प्रति सम्मान की भावना को और जागृत किया जा सके। शिवराज कैबिनेट की आज हुई बैठक में इस संबंध में लाए गए प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मातृ वंदना योजना को सभी 51 जिलों मे संचालित किया जायेगा। जिसके तहत हर आयकर न देने वाली महिला को प्रसव के लिये छह हजार रुपए सरकार देगी। कैबिनेट की बैठक में इसके अलावा पेटलावद जांच आयोग की रिपोर्ट और भूराजस्व संहिता 2018 संशोधन विधेयक के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। सरकार भू-राजस्व संहिता 2018 संशोधन विधेयक और पेटलावद जांच आयोग की रिपोर्ट 25 जून से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में पेश करेगी।

इस सम्बन्ध में राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया नए संसोधन के अनुसार नामांतरण की प्रक्रिया को तब ही पूरा माना जाएगा, जब रिकार्ड संशोधित हो और आदेश की कापी भी आवेदक को मिल जाए। जमीन का बंटवारा जीवनकाल में कभी हो सकेगा। सीमांकन के लिये निजी एजेंसियों की मदद ली जायेगी, डायवर्सन ऑनलाईन पैसे जमा करके ही हो जायेगा। इन्द्रनील शंकर दाणी की अध्यक्षता मे बनी भूमि सुधार समिति की सिफारिशो पर 122 धाराये बदली गयी हैं। कैबिनेट में मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना की प्रशासकीय स्वीकृति का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। यह परियोजना दतिया जिले के सेवढ़ा के ग्राम डांग डिरोली के पास सिंध नदी में प्रस्तावित है। इस परियोजना में कुल जल भराव क्षमता 2242.87 मिलियन घन मीटर आंकलित की गई है। परियोजना में पेयजल के लिये 30 मिलियन घन मीटर का प्रावधान होगा।

परियोजना में 78484 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी सिंचाई के साथ ही 9 मेगावाट बिजली उत्पादन भी होगा। परियोजना में कुल 3270.43 हेक्टेयर क्षेत्र में डूब से प्रभावित होगी, जिसके ऐवज में 4202.79 हेक्टेयर निजी भूमि मुआवजा का प्रावधान किया गया है। डूब में 799.59 हेक्टेयर क्षेत्र वन भूमि भी डूब में प्रभावित होगी। इसी तरह कैबिनेट ने बंडा सिंचाई परियोजना की भी प्रशासकीय स्वीकृति दे दी है। परियोजना से 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में रबी की सिंचाई हो सकेगी। परियोजना से डूब में 28 गांव प्रभावित होंगे। डूब क्षेत्र से 2845 परिवार का पुर्नवास किया जाएगा।

यह फैसले भी लिए गए

- 23 जून से 6 जुलाई तक विकास पर्व मनाया जाएगा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्म दिन पर शुरू।

- हर गांव में कलश यात्रा निकाली जायेगी।

- पीएससी अध्यक्ष पद पर भास्कर कुमार चौबे की नियुक्ति को मंजूरी।


Swadesh Digital ( 0 )

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


Share it
Top