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कमलनाथ ने कहा - बिजली स्टोरेज में अग्रणी राज्य बनेगा मध्‍यप्रदेश

कमलनाथ ने कहा - बिजली स्टोरेज में अग्रणी राज्य बनेगा मध्‍यप्रदेश

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधानसभा में गुरुवार को प्रदेश के लिए अपना दृष्टिकोण रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपार संभावनाएं हैं। नौजवानों के भविष्य के लिए रोजगार के मौके पैदा करने होंगे। इसके लिए औद्योगिकिकरण को बढ़ावा देना होगा। बिजली की उपलब्धता है पर इसे स्टोर करने का कोई साधन नहीं है।

उनके अनुसार बिजली स्टोरेज के क्षेत्र में बड़ी संभावना है। चीन में इस पर काफी काम हुआ है। वहां इस काम का दुनिया में पहली बार प्रयोग करने वाली अमेरिकी कंपनी को मध्यप्रदेश आने का न्योता दिया है। हम प्रदेश को देश का बिजली स्टोरेज केंद्र बनाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं।

युवाओं को कौशल का प्रशिक्षण देने पर कहा हम ऐसा प्रशिक्षण चाहते हैं जो 80 से 100 फीसदी रोजगार दे। आईटी रोजगार का बड़ा क्षेत्र है जो लगातार अपडेट हो रहा है। हमने यह तय किया है कि हम प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का केंद्र बनाएंगे। गुरुवार सुबह ही टाटा कंसल्टेंसी के अध्यक्ष से बात हुई।

निवेश नीति को हमें नया मोड़ देना होगा। हर जिले में औद्योगिकीकरण होना चाहिए। इसके लिए निवेश्ा चाहिए और यह भरोसे से आएगा। अभी सरकार को साढ़े तीन माह ही काम के लिए मिले हैं। पिछले 15 साल की तुलना करें तो कितना घरेलू और विदेशी निवेश देश में आया और उसका कितना प्रतिशत मध्यप्रदेश में आया, यह देखने की जरूरत है।

नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने मुख्यमंत्री के नजरिए की तारीफ की और कहा कि इसको लेकर दृष्टिपत्र लाएं। बड़े उद्योगों की जगह सूक्ष्म और लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए तो ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। निवेश के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया था, उसकी एक बार समीक्षा करवा लें। चर्चा के बाद उद्योग, जनसंपर्क, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, आध्यात्म, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, लोकसेवा प्रबंधन, विमानन, प्रवासी भारतीय और आनंद विभाग की बजट मांगों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने मौजूदा व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक उद्योगपति मेरे पास आए थे। मैंने उनसे पूछा कि सब ठीक चल रहा है कोई दिक्कत तो नहीं। उन्होंने कहा कि कलेक्टर और अधिकारी बहुत अच्छे हैं, बस हमें पटवारी से बचवा दीजिए। वे पटवारी से दुखी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का नौजवान ठेका या कमीशन नहीं चाहता है। वो अपने हाथ को काम चाहता है। व्यवसाय का मौका चाहता है। यह तभी संभव होगा, जब यहां आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। निवेश नीति ऐसी बनानी है जिसमें सौ करोड़ रुपए का निवेश करने वाला बताए कि सौ या पांच सौ लोगों को रोजगार देेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी से मध्यप्रदेश को फायदा हुआ है, क्योंकि हम बिल्कुल बीचों-बीच हैं। टैक्स के कारण जो लोग अन्य प्रदेश में उद्योग लगाते थे, अब उनको मध्यप्रदेश ज्यादा अच्छा लगेगा। हम इस पर अध्ययन कर रहे हैं कि कैसे उद्योगों को आकर्षित करें।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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