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गौर ने फिर जताई चुनाव लडऩे की इच्छा, कहा-उम्र में क्या रखा है दिल तो जवान है

गौर ने फिर जताई चुनाव लडऩे की इच्छा, कहा-उम्र में क्या रखा है दिल तो जवान है

भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर ने रविवार को फिर लोकसभा चुनाव लडऩे की इच्छा जताई है। उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि उम्र में क्या रखा है, दिल तो अभी जवान है। वे लोकसभा चुनाव में मजबूती से अपनी दावेदारी पेश करेंगे। प्रधानमंत्री ने स्वयं उनसे कहा है कि बाबूलाल गौर.. एक बार और..।

गौरतबल है कि भोपाल की गोविंदपुरा विधानसभा से लगातार दस बार विधायक रहे बाबूलाल गौर और वरिष्ठ भाजपा नेता सरताज सिंह को शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल से 75 पार का हवाला देकर बाहर का रास्ता दिखा गया था। बाबूलाल गौर उस समय प्रदेश के गृह एवं जेल विभाग के मंत्री थे और उससे पहले वे करीब एक साल तक मुख्यमंत्री भी रहे थे। गत विधानसभा चुनाव में उन्होंने टिकट की उम्मीद लगा रखी थी, लेकिन उनकी जगह उनकी बहू और पूर्व महापौर कृष्णा गौर को टिकट दे दिया। शनिवार को भाजपा कार्यलय में बरिष्ठ नेताओं की लोकसभा चुनाव को लेकर एक बैठक हुई थी, जिसमें निर्णय लिया गया कि 75 पार वाले नेताओं को चुनाव में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी, बुजुर्ग नेता भी फिर अपनी किस्मत आजमा सकेंगे, नेताओं के चुनाव लडऩे पर कोई रोक नहीं रहेगी।

पार्टी के इस फैसले बाबूलाल गौर के अरमान फिर जाग गए और रविवार को उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए लोकसभा चुनाव में मजबूत दावेदारी पेश करने की बात कही। उन्होंने कहा है कि पार्टी ने मेरे कारण ही ये फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि उम्र में क्या रखा है, दिल जवान होना चाहिए। उम्र से किसी के फिटनेस, योग्यता और सक्षमता को नहीं परखा जा सकता। आजकल तो लोग पैदा ही बूढ़े होते हैं। वे लोकसभा चुनाव में मजबूती से अपनी दावेदारी पेश करेंगे। खुद प्रधानमंत्री बोल कर गए हैं, एक बार और बाबूलाल गौर...। बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले भोपाल में भाजपा का कार्यकर्ता सम्मेलन हुआ था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। उस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने बाबूलाल गौर से उक्त बात कही थी।

उल्लेखनीय है कि भाजपा में बाबूलाल गौर का लम्बा राजनीतिक सफर रहा है। वे राष्ट्रीय मजदूर संघ के संस्थापक सदस्यों में से रहे हैं। साल 1956 में जन संघ के सचिव रहे गौर आपातकाल के दौरान भी काफी सक्रिय रहे। इस दौरान उन्हें 19 महीने जेल में भी रखा गया। उन्होंने 1974 में भोपाल दक्षिण सीट से विधानसभा का टिकट दिया और वे जीतकर पहली बार विधायक बने। इसके बाद 1977 से 2013 तक लगातार गोविंदपुरा सीट से विधायक रहे हैं। अब वे 88 की उम्र पार कर गए हैं, लेकिन इसके बावजूद वे चुनाव लडऩे का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। भाजपा ने फैसला किया है कि 75 वर्ष पूरे कर चुके नेताओं के चुनाव लडऩे पर पूरी तरह से रोक नहीं लगायेगी और जो चुनाव जीत सकते हैं, उन्हें टिकट दिया जा सकता है। इस फैसले से बाबूलाल गौर उत्साहित नजर आए और उन्होंने रविवार को चुनाव लडऩे की इच्छा भी जता दी।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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