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उत्सव : त्योहारों और संस्कारों में रंग भरती है रंगोली

नई दिल्ली। दिवाली का त्योहार आ रहा है और हर कोई अपने घर की सजावट में जुटा हुआ है। इस पर्व को लोग सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसे में दिवाली भारत में मनाया जाने वाला सबसे खास पर्व है। और इस साल दिवाली 27 अक्टूबर को भारत में मनाया जाने वाला है। आपको बता दें कि दिवाली के मौके पर लोग अपने घरों को तरह-तरह के लाइट और रंगोली से सजाते हैं। क्योंकि इस मौके पर मां लक्ष्मी का स्वागत किया जाता है।

इस दिन माँ का स्वागत करने के लिए घर के बाहर रंगोली बनाई जाती है। ताकि वह घर में आए और कभी न जाए. ऐसे में इस दिन कोई रंग बिरंगे फूलों की माला से अपने घर को सजाता है। तो कोई रंगीन झालर से घर को सजाता है। इसी के साथ इस दिन कुछ लोग खूबसूरत मोमबत्तियों से घर की रौनक बढ़ाते हैं। और घर के मुख्य द्वार पर लोग रंगोली सजाते हैं।

भारत में आए दिन उत्सवों का मेला लगा रहता है। इन उत्सवों और संस्कारों में रंग भरती है रंगोली। चाहे हवन की वेदी हो, विवाह हो, नामकरण हो या यज्ञोपवीत जैसा शुभ कार्य, इन सभी में रंगोली बनाने की परंपरा मुख्य है । रंगोली में स्वस्तिक, कमल के फूल, लक्ष्मीजी के चरण के अलावा अन्य कलात्मक डिजाइन प्रमुख होते हैं। भारतीय त्योहार रंगों के बगैर अधूरे लगते हैं । कहा भी गया है कि रंग हमें खुशहाली प्रदान करते हैं और त्योहारों में जान डाल देते हैं । रंगोली को अल्पना भी कहा जाता है। अल्पना वात्स्यायन के कामसूत्र में वर्णित चौसठ कलाओं में से एक है। संस्कृत के इस शब्द का अर्थ है लीपना अथवा लेपन करना। रंगोली बनाने के पहले आंगन को लीपा जाता है।

इसी के साथ ऐसा माना जाता है कि रंगोली को घर के दरवाजे पर देखकर भगवान और मेहमान दोनों खुश हो जाते हैं। जी हाँ, अब आज हम कुछ रंगोली की डिजाइन लेकर आए हैं जो आपको खूब पसंद आने वाली है। और इन्हे आप अपने घर के बाहर बनाने वाले हैं. वैसे आज के समय में बदलते समय के साथ रंगोली के डिजाइन और तरीकों में काफी बदलाव आया है। और अगर आप भी इस बार कुछ अलग रंगोली डिजाइन बनाने की सोच रहे हैं। तो हम आपको कुछ बेस्ट रंगोली डिजाइन बताने वाले हैं।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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