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शिवसेना के सांसद अब राज्यसभा में विपक्षी खेमे में बैठते नजर आएंगे : संजय राउत

शिवसेना के सांसद अब राज्यसभा में विपक्षी खेमे में बैठते नजर आएंगे : संजय राउत

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर भाजपा से तनातनी के बाद एनडीए से अलग हुई शिवसेना के सांसद राज्यसभा में विपक्षी खेमे में बैठते नजर आएंगे। राज्यसभा सूत्रों ने शनिवार को इसके संकेत दिए।

उन्होंने बताया कि सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र के लिए शिवसेना सांसदों की सीट व्यवस्था बदल दी गई है। संजय राउत और अनिल देसाई सहित पार्टी के तीनों राज्यसभा सांसद अब विपक्ष की कुर्सी पर बैठते दिखाई देंगे। लोकसभा में भी शिवसेना के 18 सांसदों के विपक्षी खेमे में बैठने की संभावना है।

महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ा था। दोनों पार्टियां बहुमत के लिए जरूरी सीटें हासिल करने में सफल भी रही थीं। हालांकि, सरकार के प्रारूप पर जारी गतिरोध के बीच भाजपा-शिवसेना की राहें जुदा हो गईं। शिवसेना अब कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिशों में जुटी है। महाराष्ट्र में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लागू है।

उधर, संजय राउत ने महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर कहा- बेशक, महाराष्ट्र में अगली सरकार शिवसेना के नेतृत्व में बनने जा रही है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, राउत ने आगे कहा- पुराने एनडीए की तुलना में नया एनडीए में काफी अलग है। आज के एनडीए का कौन संयोजक है? आडवाणी जी इसके संस्थापकों में से एक थे जो या तो छोड़ दिया है या फिर वे सक्रिय नहीं है।

इससे पहले, शिवसेना (Shiv Sena) के प्रवक्ता संजय राउत (Sanjay Raut) से यह पूछा गया कि क्या पार्लियामेंट सेशन से पहले दिल्ली में होने जा रही एनडीए के बैठक में शिवसेना हिस्सा लेगी? इसके जवाब में संजय राउत ने कहा- नहीं, शिवसेना नहीं जाएगी।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव बीजेपी के साथ लड़ने के बाद शिवसेना ने ढ़ाई-ढ़ाई साल मुख्यमंत्री पद पर अड़ी रही। लेकिन, बीजेपी की तरफ से शिवसेना की यह मांग नहीं माने जाने के बाद शिवसेना के केन्द्र में एक मात्र नेता अरविंद सावंत ने केन्द्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया।

उधर, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन से मुख्यमंत्री पद का दावा किया। हालांकि, राज्यपाल के सामने विधायकों के दस्तखत वे नहीं दे पाए। जिसके बाद किसी भी को बहुमत का आंकड़ा न मिलते देख राज्यपाल ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला किया है।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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