Home > Lead Story > ओम बिड़ला निर्विरोध बने लोकसभा अध्यक्ष, जानें क्या रहा है राजनीतिक सफर

ओम बिड़ला निर्विरोध बने लोकसभा अध्यक्ष, जानें क्या रहा है राजनीतिक सफर

17 वीं लोकसभा के अध्यक्ष के रूप में चुने गए ओम बिड़ला

ओम बिड़ला निर्विरोध बने लोकसभा अध्यक्ष, जानें क्या रहा है राजनीतिक सफर

नई दिल्ली। राजस्थान के कोटा से बीजेपी के सांसद ओम बिड़ला बुधवार को निर्विरोध नए लोकसभा स्पीकर चुने गए। अब तक वरिष्ठ सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष का पद संभालने की परंपरा रही है और भाजपा सांसद बिड़ला इस मामले में अपेक्षाकृत कम अनुभवी माने जा रहे हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद लोकसभा स्पीकर पद के लिए बिड़ला के नाम का प्रस्ताव किया। बिड़ला को मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का करीबी माना जाता है। बिड़ला राजस्थान के हाड़ौती अंचल से देश के एक प्रमुख संवैधानिक पद पर विराजने वाले वे पहले नेता होंगे। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, बिड़ला छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े हैं। इसके बाद वह भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) से जुड़े रहे और जिला एवं राज्य स्तर पर इसकी अगुवाई की।

बिड़ला ने 2003 में राजस्थान विधानसभा चुनावों में कोटा दक्षिण सीट पर कांग्रेस के दिग्गज शांति धारीवाल को हराकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वह लगातार तीन बार विधायक रहे। इस दौरान भाजपा में बिड़ला का कद लगातार मजबूत हुआ। साल 2014 के आम चुनाव में पार्टी ने उन्हें कोटा सीट से लोकसभा प्रत्याशी बनाया और उन्होंने जीत दर्ज की। साल 2019 के आम चुनाव में बिरला ने कांग्रेस के रामनारायण मीणा को 2,79,677 मतों से हराया।

दस्तावेजों के अनुसार, बिड़ला का जन्म 23 नवंबर 1962 को हुआ। उनके पिता श्रीकृष्ण बिरला सरकारी सेवा में थे जबकि मां शकुंतला गृहिणी थीं। 57 वर्षीय बिड़ला के लिए कोटा जन्मभूमि व कर्मभूमि दोनों रही है। उन्होंने स्कूली शिक्षा कोटा के गुमानपुरा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से की और उसके बाद बाद राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम व एम.कॉम किया। उनकी शादी अमिता से हुई और उनके दो बेटियां अंजली, आकांक्षा हैं। अमिता पेशे से चिकित्सक हैं।

लोकसभा अध्यक्ष के तौर पर बिड़ला आठ बार सांसद रह चुकीं सुमित्रा महाजन की जगह लेंगे। हालांकि, ऐसा नहीं है कि पहले अपेक्षाकृत किसी कम अनुभवी सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष का पद नहीं संभाला हो। साल 1996 में तेलुगु देशम पार्टी के नेता जी एम सी बालयोगी भी जब लोकसभा अध्यक्ष बने थे तो वह दूसरी बार ही सांसद चुने गए थे। साल 2002 में बालयोगी के निधन के बाद शिवसेना नेता और पहली बार सांसद चुने गए मनोहर जोशी को लोकसभा अध्यक्ष बनाया गया था। बिड़ला ऊर्जा पर संसद की स्थायी समिति के सदस्य हैं। वह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की याचिका समिति एवं परामर्श समिति के भी सदस्य हैं।

Tags:    

Swadesh News ( 0 )

www.swadeshnews.in


Share it
Top