Home > Lead Story > अगर सीआरपीएफ के जवान न होते, तो मेरा जिंदा निकलना मुश्किल था : अमित शाह

अगर सीआरपीएफ के जवान न होते, तो मेरा जिंदा निकलना मुश्किल था : अमित शाह

अगर सीआरपीएफ के जवान न होते, तो मेरा जिंदा निकलना मुश्किल था : अमित शाह

नई दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि चुनाव के हर चरण में हिंसा हुई है। मेरे रोड शाे से पहले ही बैनर पोस्टर हटा दिया गया।शाह ने कहा कि मैं ममता जी को बताना चाहता हूं कि आप सिर्फ 42 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं और भाजपा देश के सभी राज्यों में चुनाव लड़ रही है । मगर कहीं पर भी हिंसा नहीं हुई, लेकिन बंगाल में हर चरण में हिंसा हुई इसका साफ़ मतलब है कि हिंसा TMC कर रही है। यह बात भाजपा अध्यक्ष शाह ने दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस संबोधित करते हुए कही। शाह ने कहा कि टीएमसी के गुंडों ने ही उनकी बाइक और गाड़ियां जलाईं, अगर कल CRPF नहीं होती तो उनका जिंदा निकलना मुश्किल था।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सुबह से पूरे कोलकाता में चर्चा थी कि यूनिवर्सिटी के अंदर से आकर कुछ लोग दंगा करेंगे। पुलिस ने कोई जांच नहीं की और न ही किसी को गिरफ्तार करने की कोशिश की गई। जहां ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतीमा रखी है वो जगह कमरों के अंदर है। कॉलेज बंद हो चुका था, सब लॉक हो चुका था, फिर किसने कमरे खोले। ताला भी नहीं टूटा है, फिर चाबी किसके पास थी। कॉलेज में टीएमसी का कब्जा है।वोटबैंक की राजनीति के लिए महान शिक्षाशास्त्री की प्रतिमा का तोड़ने का मतलब है कि टीएमसी की उल्टी गिनती शुरू हो गई।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि बंगाल में चुनाव आयोग मूक दर्शक बना है। चुनाव आयोग ने तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। मैं पूछना चाहता हूं कि क्यों चुनाव आयोग चुप बैठा है? इन सब के बाद चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। शाह ने कहा कि जिस प्रकार से बंगाल के अंदर हिंसा का तांडव चला है, मेरा मीडिया के मित्रों से भी अनुरोध है कि इस पर पूरे देश का ध्यान आकृष्ट करना चाहिए।

शाह ने कहा कि मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूं कि पांचवें और छठे चरण के बाद भाजपा अकेले पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार कर चुकी है। सातवें चरण के बाद 300 सीटों से ज्यादा जीतकर हम नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनाने जा रहे हैं। मैंने बंगाल की जनता के आक्रोश को देखा है, जैसी स्थिति वहां ममता दीदी ने बनाई है उसे जनता स्वीकार नहीं कर सकती।

Tags:    

Swadesh Digital ( 8841 )

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


Share it
Top