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भोपाल में इसलिए महंगी बिकती हैं सब्जिया, मंडी में 5 रुपए किलो बिकने वाली लौकी, फुटकर में बिकती है 40 रुपए किलो

भोपाल में इसलिए महंगी बिकती हैं सब्जिया

भोपाल में इसलिए महंगी बिकती हैं सब्जिया, मंडी में 5 रुपए किलो बिकने वाली लौकी, फुटकर में बिकती है 40 रुपए किलो

मंडियों की हकीकत | किसान आंदाेलन से सब्जी की आवक नहीं घटी, बिचौलिए ही भ्रम फैलाकर बढ़ा रहे हैं दाम।

भोपाल। राजधानी की सबसे बड़ी करोंद मंडी। मंगलवार सुबह 7 बजे। भोपाल के आसपास से सटे गांव और बाहर के जिलों से आए किसान अपनी-अपनी सब्जियों को नीलाम करने के लिए खड़े हैं। चारों तरफ सब्जी मंडी के शेड में थोक विक्रेता और किसानों का हुजूम किसान लगा हुआ है। किसानों द्वारा लगाई गई सब्जियों की बोली थोक विक्रेता लगा रहे हैं।

इसी भीड़ के बीच में होशंगाबाद से आए किसान रमेश कुशवाह लौकी लेकर आए हैं। हर पैकेट में 12 किलो से अधिक लौकी भरी हुई है। थोक विक्रेता लौकी की नीलामी शुरू करते हैं। लौकी का भाव 40 रुपए से शुरू होता है जो 60 रुपए में तय हो जाता है।
रमेश बताते हैं लौकी फसल लगाने के लिए उन्होंने 20 हजार से ज्यादा रुपए खर्च कर दिए। लेकिन मंडी में उसका सही दाम नहीं मिल रहा है। मजबूरी में इसे बेचना पड़ रहा है। थोक विक्रेता 60 रुपए में 12 किलो खरीदी गई लौकी को 100 से 120 रुपए तक में मंडी में फुटकर व्यापारियों को बेच देते हैं। और यही लौकी शहर के विभिन्न मार्केट में 30 से 40 रुपए किलो के हिसाब से बेची जा रही है।

ऐसे सामने आई हकीकत

- यह हकीकत भास्कर की पड़ताल में सामने आई है। शहर में किसान आंदोलन के चलते सब्जियां कम आने और सब्जियो के दाम में इजाफा की अफवाह फैलाकर बिचौलिए किसानों से खरीदी गई सब्जी को लोकल मार्केट में महंगे दामों पर बेच रहे हैं।
करोंद मंडी सचिव विनय प्रकाश पटेरिया का कहना है कि सब्जी पर्याप्त मात्रा में आ रही है। बस कुछ लोग जबरन सब्जी की कमी होने की बात कहकर महंगे दामों पर सब्जी बेच रहे हैं।

ऐसे महंगी होती है सब्जी

- लांबाखेड़ा स्थित देवलखेड़ी गांव के किसान रमेश सक्सेना बैगन बेचने के लिए मंडी पहुंचते हैं।
- यहां पर थोक विक्रेता किसान सक्सेना की बैगन के एक टोकरी जिसमें 8 किलो बैगन रखा हुआ है। उसे 50 रुपए में खरीद लेते हैं।
- 8 किलो बैगन यानी 6 रुपए 25 पैसे प्रति किलो के हिसाब से थोक विक्रेता के पास पहुंच जाता है। - थोक विक्रेता इसी बैगन को प 80 से 90 रुपए के रेट पर मंडी में फुटकर में बेचता है। 30 से 40 रुपए थोक विक्रेता किसान से खरीदी गई बैगन की फसल पर कमाता है।
- इसके बाद यह बैगन 25 रु. किलो के हिसाब से बाजार में बेचा जाता है।

24 किलो टमाटर की कैरेट 150 रुपए की, 40 से 50 रुपए/किलो बेच रहे हैं विक्रेता

पंजाब, राजस्थान, यूपी से करोंद मंडी में रोजाना टमाटर की 10 ट्रक आ रहे हैं। 24 किलो टमाटर की कैरेट की नीलामी महज 150 रुपए में हो रही है। यानी 6 रुपए 25 पैसे में थोक व्यापारी यह टमाटर खरीद रहे हैं। इसके बाद इसी टमाटर को व्यापारी मंडी के भीतर 8 से 10 रुपए किलो के हिसाब से नीलाम कर देते हैं।

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Vikas Yadav ( 0 )

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