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इस बार के बजट में बीजेपी के घोषणापत्र के मुद्दों को मिल सकती है जगह

इस बार के बजट में बीजेपी के घोषणापत्र के मुद्दों को मिल सकती है जगह

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना पहला बजट 5 जुलाई शुक्रवार को पेश करेंगी। नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरी बार सत्ता में आने के बाद यह उनका पहला बजट है। मोदी सरकार का यह बजट उनके पिछले पांच साल के कामों का ही विस्तार हो सकता है। दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आने के बाद बजट में कुछ साहसिक फैसले भी देखने को मिल सकते हैं। ये बजट महाराष्ट्र और झारखंड में होने वाले चुनावों से पहले आना वाला है। इस बार मोदी सरकार के बजट से क्या उम्मीदें कर सकते हैं ये भाजपा के 2019 के चुनावी घोषणापत्र से पता चल सकता है। चुनावों से पहले किये वादों में से ये छह मुद्दे बजट में भी देखने को मिल सकते हैं।

-घोषणापत्र में एक से पांच साल तक के लिए लाख रुपये तक का लोन किसान क्रेडिट कार्ड (KCCs) के जरिए देने की घोषणा की गई। इसमें सिर्फ एक शर्त रखी गई की मूलधन को तुरंत चुकाया जाएगा। अभी ऐसा लोन बिना कुछ गिरवी रखे मिल जाता है लेकिन 7 फीसदी की दर से ब्याज चुकाना पड़ता है। सरकार ने साल 2018 में राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि अभी देश में 7 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड हैं।

-इसमें सरकार ने महिलाओं को 50 फीसदी और पुरुषों को 25 फीसदी लोन की गारंटी दी थी। ये मौजूदा मुद्रा स्कीम को बूस्ट देगी और सरकार के मुताबिक इससे कारोबारियों को बड़ी मदद मिलेगी।

-घोषणापत्र में कहा गया है कि सरकार साल 2022 तक 10,000 किसान उत्पादक संगठन (FPO) बनाएगी। सरकार ने यह घोषणा इस वादे के साथ की थी कि इन संगठनों के जरिए बड़े शहरों में किसानों की फसल को पहुंचाने के काम में सरकार मदद करेगी। इससे किसानों को अपनी फसल की सही कीमत मिल पाएगी।

-घोषणापत्र में परिवारों को 13 रुपये किलो के हिसाब से चीनी देने का वादा किया गया था। पब्लिक वितरण सिस्टम के तहत 80 करोड़ को फायदा मिल रहा है। इससे परिवार का औसत साइज 4.3 हो जाता है यानि करीब 18.6 परिवार इसका फायदा उठा रहे हैं। अगर इन सभी परिवारों को चीनी 12 रुपए प्रति किलो के दाम पर मिलती है तो इससे सीधे 22 लाख टन चीनी का वितरण पीडीएस के जरिए होगा। चीनी की थोक कीमत साल 2018-19 में 35.2 रुपये प्रति किलो रही है। इस रेट के हिसाब से सरकार 78,000 करोड़ रुपये की चीनी हर साल खरीदेगी। इससे ग्राहकों को फायदा होगा क्योंकि उन्हें मार्केट रेट से कम दाम पर चीनी मिलगी। साथ ही चीनी इंडस्ट्री और गन्ना किसानों को भी फायदा होगा।

-आयुष्मान भारत के तहत 50 करोड़ गरीब भारतीयों को इसमें शामिल करना है। इसमें आशा और आंगनवाड़ी वर्कर भी शामिल होंगे, तो इससे कोई बहुत फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि इसमें वह पहले से शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इससे सरकार को फायदा होगा।

-घोषणापत्र में वादा किया गया था कि जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड ट्रेडर्स को 10 लाख रुपये तक का एक्सीडेंट इंश्योरेंस मिलेगा। उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड की तरह मर्चेंट क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा। इससे जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड ट्रेडर्स को फायदा होगा और मौजूदा और भविष्य में रेवेन्यू में बढ़ोतरी होगी। अभी जीएसटी कलेक्शन के आंकड़ें अपने लक्ष्य को पा नहीं सके हैं।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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