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संसद के केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रपिता की 150वीं जयंती पर पर दी गई श्रद्धांजलि

संसद के केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रपिता की 150वीं जयंती पर पर दी गई श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर समूचे देश ने उन्हें याद किया और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। संसद भवन में भी राष्ट्रपिता को याद करते हुए प्रधानमंत्री समेत तमाम नेताओं ने महात्मा गांधी को याद कर उनके कृतित्व और व्यक्तित्व को नमन किया।

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत तमाम मंत्रियों, सासंदों और पूर्व संसद सदस्यों ने संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हे श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर स्कूली छात्र-छात्राएं भी संसद के केंद्रीय कक्ष में पहुंचे और राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर लोकसभा महासचिव स्नेहलता श्रीवास्तव, राज्यसभा के महासचिव देश दीपक वर्मा समेत दोनों सदनों के सचिवालय के तमाम अधिकारियों ने भी राष्ट्रपिता को अपनी श्रद्धांजलि दी।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने स्वतंत्रता के प्रति आम-जनमानस को जोड़ने का कार्य किया और गांधीजी के विचार व दर्शन हमें सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।

बिरला ने ट्वीट कर कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देशवासियों को जाति-धर्म तथा ऊँच-नीच की संर्कीणताओं से ऊपर उठकर समरसता युक्त समाज बनाने की राह दिखाई, पूज्य बापू का जीवन-दर्शन व आदर्श सदैव एक बेहतर समाज व राष्ट्र के निर्माण में हम सभी का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने में गांधी-खादी और चरखे का अविस्मरणीय योगदान रहा है, बापू सदैव कहते थे "खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि विचार है" हम सभी को खादी का प्रयोग बढ़ाकर, इस उद्योग से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि महात्मा गांधी 'अहिंसा' को सर्वोच्च नैतिक और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक मानते थे।उन्होंने विश्व को बताया कि 'अहिंसा' ही सबसे शक्तिशाली अस्त्र है और इसके बिना प्रगति सम्भव नहीं है 'अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस' का उद्देश्य सम्पूर्ण विश्व में 'शांति और अहिंसा' स्थापित करना है।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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