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जमीन से जुडी और जमीर पर खड़ी सरकार का समावेशी-सर्वस्पर्शी विकास ही राष्ट्रनीति : नकवी

जमीन से जुडी और जमीर पर खड़ी सरकार का समावेशी-सर्वस्पर्शी विकास ही राष्ट्रनीति : नकवी

नई दिल्ली। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहां कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'जमीन से जुडी और ज़मीर पर खड़ी' सरकार का 'समावेशी-सर्वस्पर्शी विकास' ही 'राष्ट्रनीति' है।

यहां पीएचडी चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के 114वें वार्षिक सम्मेलन में 'टुवर्ड्स ऐन इंक्लूसिव एंड प्रोस्पेरोस न्यू इंडिया' विषय पर विचार करते हुए नकवी ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा उठाये गए ऐतिहासिक और बड़े आर्थिक सुधारों के कारण आज भारत दुनिया का सबसे आकर्षक एवं सुरक्षित 'निवेश एवं मैन्युफैक्चरिंग हब' बन गया है।

उन्होंने कहा कि देश की 'सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और समृद्धि', 'संवेदनशील, सशक्त और सुरक्षित' हाथों में हैं। भारत की अर्थव्यवस्था की बुनियाद 'जमीन की जरुरत और जमीर की ताकत से तैयार की गई है।' तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश में महंगाई दर बढ़ने नहीं दी गई। किसी भी चीज की किल्लत-तंगी नहीं होने दी गई है।

नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किये गए विभिन्न ऐतिहासिक सुधार और लोक हितकारी ईमानदार व्यवस्था ने भारत को एक सुरक्षित निवेश का केंद्र बनाया है। कॉरपोरेट टैक्स में कटौती भारतीय अर्थव्यवस्था को अगले पांच वर्ष में पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण कदम है। छोटे, मझोले और बड़े उद्योगों को समान मौका और सुविधा दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि कॉर्पोरेट टैक्स जो पहले 30 प्रतिशत था उसे घटाकर 22 प्रतिशत कर दिया गया है, इस क्रांतिकारी फैसले से 'मेक इन इंडिया' और स्टार्टअप को भी बल मिलेगा। भारत ही नहीं, दुनिया भर के निवेशकों ने इसका स्वागत किया है। ऐतिहासिक आर्थिक सुधार है। इससे निवेश में बढ़ोतरी होगी, रोजगार के अवसरों में तेजी आएगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की समीक्षा के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। एफडीआई नीति में बदलाव के परिणामस्वरूप भारत और ज्यादा आकर्षक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश गंतव्य बन सकेगा। इसका फायदा निवेश, रोजगार और विकास बढ़ाने में मिलेगा। कोयला क्षेत्र में कोयले की बिक्री के लिए कोयला खनन, इससे संबंधित प्रसंस्करण यानी प्रोसेसिंग अवसंरचनाओं में स्वचालित रास्ते से सौ प्रतिशत एफडीआई एक कुशल और प्रतिस्पर्धी कोयला बाजार के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करेगा।

नकवी ने कहा कि भारत उन 20 देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिसने 'इज ऑफ डूइंग बिजनस' के क्षेत्र में सबसे अधिक सुधार किया है। भारत ने 'इज ऑफ डूइंग बिजनस' को चार क्षेत्रों में आसान किया है- बिजनस शुरू करना, दिवालियेपन का समाधान करना, सीमा पार व्यापार और कंस्ट्रक्शन परमिट्स।

उन्होंने कहा कि बैंकरप्सी कानून ने बैंकिंग क्षेत्र में सुधार और बैंकिंग क्षेत्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले पांच साल में लगभग 29 हजार करोड़ डॉलर का एफडीआई आया जो कि 20 साल में हुए विदेशी निवेश का 50 फीसदी है। 37 करोड़ लोगों को बैकिंग से पहली बार जोड़ा गया है।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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