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कांग्रेस के डीएनए में आपातकाल के संस्कार

भाजपा नेआपातकाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है।

कांग्रेस के डीएनए में आपातकाल के संस्कार

नई दिल्ली । भाजपा नेआपातकाल को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा की ओर से तल्ख लहजे में कहा गया कि कांग्रेस के डीएनए में आपातकाल के संस्कार अभी तक मौजूद हैं और वह साफ दिखाई देते हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस ने उस वक्त न्यायपालिका को चुप करने की कोशिश की थी और इसी तरीके से अब कई मुद्दों को उठा कर उसने इसे एक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के डीएनए में आपातकाल के संस्कार साफ दिखते हैं। प्रसाद ने कहा कि जब वह (कांग्रेस) चुनाव हारती है, तब वह इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराती है। उसके नेता सेना प्रमुख पर भी प्रहार करते हैं। चुनाव आयोग एवं मुख्य चुनाव आयुक्त तक को निशाना बनाते हैं।

न्यायपालिका के साथ उनका व्यवहार धमकाने वाला रहा है। अयोध्या के मामले में पूर्व मंत्री कपिल सिब्बल ने न्यायालय से कहा है कि 2019 से पहले राममंदिर का मामला नहीं सुना जाए। उन्होंने कहा कि बार-बार पराजित कांग्रेस अदालत के गलियारे से देश नहीं चला सकती है। कांग्रेस के इस प्रकार के आचरण से आपातकाल के जख्म आज भी हरे हैं। केंद्रीय मंत्री ने आपातकाल के दिनों की यादों को साझा करते हुए कहा कि उस समय भी कांग्रेस ने केवल और केवल इंदिरा गांधी को बचाने के लिए आपातकाल लगाया था। कांग्रेस में परिवार के प्रति निष्ठा चरम पर पहुंच गई थी कि स्वर्ण सिंह, जगजीवन राम आदि बड़े नेताओं को भी मुंह खेालने नहीं दिया गया। प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछले कई बरसों से सर्वाधिक संगठित अभियान के पीडि़त रहे हैं। रविशंकर प्रसाद ने इस मांग का समर्थन किया कि पाठ्यपुस्तकों में आपातकाल पर एक अध्याय शामिल करना चाहिए। विरोधी दल को निशाना बनाने के लिए न्यायाधीश लोया की मौत के मामले को कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी द्वारा कथित तौर पर उठाए जाने का भी उन्होंने जिक्र किया।

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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