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पश्चिम बंगाल में भाजपा को सिर्फ जनसभा की अनुमति, रथयात्रा पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

पश्चिम बंगाल में भाजपा को सिर्फ जनसभा की अनुमति, रथयात्रा पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा पश्चिम बंगाल में रथ यात्रा के मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भाजपा को झटका देते हुए सिर्फ जनसभा करने की अनुमति दी है। साथ ही रथयात्रा के लिए एक बार फिर पश्चिम बंगाल सरकार से बातचीत करने के लिए भाजपा को कहा है।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हम खुश हैं। कम से कम हमें जनसभा के जरिए सभी विधानसभा क्षेत्रों में अपनी बात कहने का मौका मिलेगा। अभी तक पश्चिम बंगाल के अंदर हमें प्रदर्शन करने, जुलूस निकालने व मीटिंग करने तक की अनुमति नहीं मिलती थी। अगर हम कहीं आंतरिक बैठक करते थे तो उसका भी स्थान यहां की सरकार कैंसिल कर देती थी। पश्चिम बंगाल में अराजकता का माहौल है। अब सुप्रीम कोर्ट से हमें जनता के बीच जाकर अपनी बात कहने का मौका मिला है। इससे हम प्रसन्न हैं।

विजयवर्गीय ने यूपी में महागठबंधन के सवाल पर कहा कि स्वार्थ सिद्धि के लिए किए गए गठबंधन कभी कामयाब नहीं होते। 2019 के चुनाव में मोदीजी के नेतृत्व में भाजपा का जो तूफान आने वाला है, उसमें कहीं हम बह न जाएं, इसलिए सपा-बसपा एक दूसरे का हाथ पकड़कर बचने की कोशिश कर रहे हैं। हम इससे बिल्कुल भी विचलित नहीं हैं। हम देश बचाने की कोशिश कर रहे हैं और वह गठबंधन करके खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि इस काम के लिए जनता हमारा साथ देगी और हम देश बचाने में सफल होंगे।

कर्नाटक में सरकार बनाने के सवाल पर भाजपा महासचिव ने कहा कि कर्नाटक में इस समय कुछ विधायकों का दम घुट रहा है। वे वहां की सरकार से नाराज हैं। ऐसे में अपने विधायकों को बचाना हमारी प्राथमिकता थी, इसलिए हमने अपने विधायकों को इकट्ठा किया है। हमें वहां सरकार बनाने की कोई जल्दबाजी नहीं है, लेकिन जिस तरह से अंत:करण बता रहे हैं कि सरकार वहां काम नहीं कर पा रही है। ऐसे में कर्नाटक के भविष्य के लिए वहां एक अच्छी सरकार का होना जरूरी है। अगर भाजपा को वहां सेवा का मौका मिलेगा तो हम जरूर कोशिश करेंगे।(हि.स.)

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स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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