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कुलभूषण की वापसी नहीं होगी तो बालाकोट जैसा ही होगा हाल

हार्डवर्क यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर हैं नरेन्द्र मोदी

कुलभूषण की वापसी नहीं होगी तो बालाकोट जैसा ही होगा हाल

बेगूसराय/वेब डेस्क। कुलभूषण जाधव के मामले में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेश के बाद भी अनर्गल बयानबाजी कर पाकिस्तान थेथरोलॉजी कर रहा है। पाकिस्तान को तो चुल्लू भर पानी में डूब कर मर जाना चाहिए।

अभिनंदन की तरह कुलभूषण की वापसी नहीं होगी तो जैसे पुलवामा का बदला बालाकोट से लिया, वैसा ही हाल होगा। केंद्रीय पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन मंत्री गिरिराज सिंह ने यह बात रविवार को बरौनी रिफाइनरी गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान कही।

गिरिराज सिंह ने कहा कि देश और दुनिया कानून से चलता है। जैसे संघीय ढांचा से देश चलता है, वैसे ही संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च कानून से अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था। अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में कुलभूषण मामले में भारत को 15-1 से जीत मिली। चाइना ने भी पाकिस्तान का साथ छोड़ दिया। लेकिन वह कोर्ट के आदेश पर संज्ञान लेने के बदले थेथरोलॉजी की पराकाष्ठा पार कर रहा है।

अल्पसंख्यक की परिभाषा बदलने के लिए सबकी भागीदारी से सड़क से संसद तक बहस का मुद्दा उठाते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि आठ राज्यों में हिंदुओं की संख्या गिरी है। इसके बाद भी सब दिन वही अल्पसंख्यक रहेगा। लखीसराय में पांच प्रतिशत है तो अल्पसंख्यक और किशनगंज में 72 प्रतिशत है तो वहां भी अल्पसंख्यक। कश्मीर और लक्षद्वीप के साथ बिहार में भी अल्पसंख्यक का दर्जा यह नहीं चलेगा। बहस कर अल्पसंख्यक के दर्जे का यूनिट तय हो।

कांग्रेस पर खोए हुए जनाधार को वापस पाने के लिए लाश पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि अगर पीड़ित को संवेदना देना है तो गांधी परिवार बिहार और असम के बाढ़ में मृतक के परिजनों से भी मिले। लाश पर राजनीति से खोया हुआ जनाधार वापस नहीं होगा।

बिहार में आरएसएस से जुड़े संगठन के पद धारकों की जांच के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आरएसएस हमारा मातृ संगठन है और हम सब अधिसंख्य कार्यकर्ता संघ के स्वयंसेवक हैं। संघ की स्थापना जिन मूल्यों को लेकर हुई थी , उन मूल्यों पर जब भी कोई अटैक करेगा, हम उसका प्रतिकार करेंगे। बिहार सरकार ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है, जांच के बाद जो भी होगा, फिर उस पर चर्चा होगी। हम 1996 से ही बिहार के विकास और नीतियों को लेकर साथ हैं।

गिरिराज सिंह ने कहा कि यूपीए के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हावर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़े थे जबकि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हार्ड वर्ड से पढ़ाई कर हार्डवर्क यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर हैं। पूर्व की सरकारों ने आजादी से लेकर 2014 तक भारत को दो ट्रिलियन डॉलर में रखा था। हमने पिछले पांच साल में एक ट्रिलियन बढ़ाकर तीन कर दिया और प्रधानमंत्री का सपना अगले पांच साल में इसे पांच ट्रिलियन तक ले जाना है। मनमोहन सिंह की सोच थी कि देश के संसाधनों पर पहला हक अल्पसंख्यक का है।

हमारे प्रधानमंत्री की सोच है कि देश के संसाधन पर पहला हक गरीबों का है और सबका साथ-सबका विकास- और सबका विश्वास। बीते वर्षों में सदन बाधित नहीं हुआ, आर्थिक विकास की गति तेज हुई, महंगाई की दर गिरी रही । सात प्रतिशत जीडीपी को आगे ले जाने के लिए सभी विभाग मुस्तैदी से लगे हैं । एक्सपोर्ट को 75 हजार करोड़ से डेढ़ लाख करोड़ करना है। समाज में हर वर्ग का विकास होगा। बकरी पालन करने वाले के लिए विशेष अभियान चलेगा। 20 माइक्रोन से कम का ऊन देने वाले भेड़ का ऑस्ट्रेलिया से आयात किया जा रहा है। प्रथम चरण में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड एवं अरुणाचल प्रदेश में सितम्बर तक उपलब्ध हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में राज्य सरकार के साथ मिलकर बकरी पालन का पहला कलस्टर बनाया गया है। बाढ़ के बाद बिहार सरकार से इस पर विशेष बात होगी। मीठे जल में ब्राउन मछली पालन के लिए शीघ्र तैयार किया जा रहा है। पूसा के साथ बिहार सरकार एवं आईसीआर पटना को भी इसका नॉडल बनाया जाएगा। गिराराज सिंह ने कहा कि किसानों की आय दोगुना करने के लिए सरकार संकल्पित है। कृषि आधारित पशुधन मॉडल सरकार का लक्ष्य है। डेयरी के साथ मिलकर हरा चारा, पशु प्रबंधन के साथ कृषि प्रबंधन पर वर्कशॉप होगा। चारा बीज का वितरण सरकार करवा रही है। पशुपालन एवं डेयरी से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार प्रयास चल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश के सभी चार सौ से अधिक सहकारी एवं निजी डेयरी को साथ लेकर प्रथम चरण में एक-एक गांव को पूरी तरह से बायोगैस युक्त बनाया जा रहा है। अमूल डेयरी द्वारा गुजरात के आणंद में यह मॉडल करीब तैयार हो चुका है जिसे छह माह में देश के चार सौ गांवों में पहुंचाया जाएगा। बेगूसराय की कावर झील में किसानों की जमीन की खरीद बिक्री पर लगी रोक से मचे हाहाकार को लेकर उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्तर पर मंत्री और अधिकारी से बात हुई है। राज्य सरकार रिपोर्ट दिल्ली भेजेगी, उसके बाद शीघ्र उस समस्या का समाधान होगा। पक्षी आश्रयणी के लिए कुछ भूमि को चिन्हित कर शेष भूमि पर से लगी रोक हटायी जाएगी ।

प्रेस वार्ता में भाजपा क्रीड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक कुंदन कुमार, जिला अध्यक्ष संजय सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष संजय कुमार सिंह, वरिष्ठ नेता अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार अमर, भाजयुमो के प्रदेश मीडिया प्रभारी मृत्युंजय कुमार विरेश, भाजपा के मीडिया प्रभारी सुमित सन्नी, शुभम कुमार, धीरज भारद्वाज एवं बजरंग दल के प्रांतीय सह संयोजक शुभम भारद्वाज भी मौजूद थे। (हि.स.)

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