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17 लाख का जॉब पैकेज छोड़ लगाया उद्योग, अन्य 15 को दिया रोजगार

17 लाख का जॉब पैकेज छोड़ लगाया उद्योग, अन्य 15 को दिया रोजगार

रतलाम/स्वदेश वेब डेस्क। मध्यप्रदेश सरकार की योजनाएं प्रदेश के युवाओं को उद्यमी बनान में सशक्त मददगार साबित हो रही है। रतलाम जिले के जावरा के रहने वाले आनंद गर्ग ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की मदद से जावरा में अत्याधुनिक आर ओ वाटर प्लांट स्थापित किया है। वे खुद तो उद्यमी बने हैं, साथ ही अपने प्लांट पर दूसरे लोगों को प्रतिमाह 1 लाख रुपये से ज्यादा की सैलेरी देते हैं। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की मंशा के अनुरूप आनंद स्वयं के बूते कुछ कर गुजरने तथा दूसरों के चलते अपना 17 लाख रुपये सालाना का जाब छोडक़र स्वयं उद्यमी बने हैं।

परम्परागत व्यवसायी परिवार के 31 वर्षीय आनंद ने एम.टेक की डिग्री ली है। वे दिल्ली में टेली कंपनी में 17 लाख के पैकेज पर फायनेंस एक्जीक्यूटिव के पद पर काम कर रहे थे। लेकिन स्वयं का उद्योग लगाने एवं अपने क्षेत्र के लोगों को भी रोजगार देने की इच्छा उनके मन में लम्बे समय से थी इसलिये आनंद ने जॉब छोडक़र मार्च 2016 मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत आवेदन किया। जुलाई 2016 में उनका आर ओ वाटर प्लांट प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ। योजना से उन्हें 1 करोड़ रुपये ऋण मंजूरी के साथ 15 प्रतिशत अनुदान लाभ भी प्राप्त हुआ। बैंक से राशि मिलने के बाद प्लांट ने जून 2017 में काम शुरू कर दिया।

अत्याधुनिक है आनंद का प्लांट आनंद ने जावरा में इंदौर, नीमच हाइवे के पास अपना आर ओ प्लांट स्थापित है अपनी पैतृक भूमि पर प्लांट साढ़े सात हजार स्क्वेयर फीट के आकार का यह प्लांट अत्याधुनिक है शुद्ध पेयजल निर्माण में मानव हाथ किसी भी प्रक्रिया में नहीं लगता है वाटर कन्जमशन भी लगभग 100 प्रतिशत है। थोड़ी मात्रा में निकलने वाले वेस्ट वाटर के भूमि में रिचार्ज की व्यवस्था की गई है। प्लांट की क्षमता 1 लाख लीटर प्रतिदिन की है। प्लांट में फ्यूचर चाईस क्रोड नेम से दो लीटर 500 एवं 250 मिलीलीटर पेयजल बाटल्स तैयार होते हैं, बाजार पहुँचने की व्यवस्था एक अच्छे प्रबंधन से की गई है इसके लिए होलसेलर नियुक्त किये हैं। उनका फ्यूचर चाईस शुद्ध पेयजल इंदौर, जोधपुर, औरंगाबाद, दाहोद, गोधरा तक जा रहा है पर्यावरण का ख्याल रखते हुए उच्चतम ग्रेड रिसायकल प्लास्टिक की बाटल्स प्रयुक्त की जाती है आनंद अपने प्लांट पर नियुक्त तीन आपरेटर को 15-15 हजार रुपये वेतन प्रतिमाह देते हैं। प्रतिदिन 12 मजदूर को 200-200 रुपये दिये जाते हैं इसके साथ ही प्रतिमाह 1 लाख 65 हजार बैंक किश्त भी नियमित रूप से अदा की जा रही है।

अथक मेहनत से सफल उद्यमी बने आनंद अपनी कामयाबी का श्रेय मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना को देते हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा बनाई गई यह योजना उन युवाओं के लिए वरदान है जो उद्यमी बनना चाहते हैं और दूसरों को भी रोजगार देना चाहते हैं।

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