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गुस्सैल, चिड़चिड़ा बना सकती है डायटिंग

गुस्सैल, चिड़चिड़ा बना सकती है डायटिंग

केवल डायटिंग की योजना से आपके व्यवहार में खासा परिवर्तन आ सकता है और आप गुस्सैल, चिड़चिड़े बन सकते है। वास्तव में डायटिंग तनावपूर्ण है। इससे आप अस्वस्थ हो सकते है। आइए जानें डायटिंग आपको चिड़चिड़ा कैसे बना सकती हैं...
डायटिंग तनावपूर्ण होती है और इससे गुस्सा, चिड़चिड़ापन, तनाव, डिप्रेशन अधिक बढ़ जाता है।
दरअसल, जब व्यक्ति अपनी आदतों पर मजबूरी वश या किन्हीं कारणों से नियंत्रण करने लगता है तो उसका गुस्सैल होना स्वाभाविक है।यदि आप सोच रहे हैं कि डायटिंग से आप मोटापा कम कर लेंगे तो आप गलत है। सख्त डायटिंग रूटीन से मोटापा बढ़ भी सकता है।

आमतौर पर डायटिंग करने से शरीर में तनाव बढाने वाला हार्मोन बढ जाता है। इससे बहुत तेज भूख लगती है और इंसान सामान्य से ज्यादा खाना खाता है।

डायटिंग के कारण उत्पन्न होने वाले तनाव से हमारे दिमाग के काम करने का तरीका भी बदल जाता है। सख्त डायटिंग से डिप्रेशन हो सकता है और उस स्थिति में इंसान को ज्यादा भूख लगती है।

यदि आप वाकई डायटिंग करना ही चाहते हैं तो खाना-पीना छोड़ने के बजाय खाने की क्वांटिंटी और स्टाइल बदल लें। यानी आप संतुलित भोजन, संतुलित मात्रा में खाएं।

केवल डायटिंग आपके शरीर के लिए भी हानिकारक है। ऐसे में आप व्यायाम और योगा को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं।
खाद्यपदार्थों में कम कैलोरी, पौष्टिक आहार और तरल पदार्थों को भी शामिल किया जा सकता है।

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