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लोकतंत्र को दिशा देता हैसंपादकीय लेखन : राम नाईक

प्राइड ऑफ आगरा संस्था के कार्यक्रम में उपस्थित हुए राज्यपाल उप्र

आगरा। समाचारों में प्रकाशित होने वाले संपादकीय लेखन का वर्षो से महत्व रहा है। पत्र की नीति के साथ ही पाठकों की अपेक्षाओं व लोकतंत्र को दिशा देने में संपादकीय बड़ी भूमिका निभाता है। यह बात उप्र के राज्यपाल राम नाईक ने आगरा में एक कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि सम्पादक की कुशलता तभी होती है, जब सम्पादकीय की पूरी बात पाठक को पढने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी समाचार विशेष के कार्यक्रम की कवरेज सभी समाचार पत्रों में हो, इसके लिए आज से शुरूआत की जानी चाहिए।

शुक्रवार को श्री नाईक ने प्राइड ऑफ आगरा संस्था द्वारा होटल जेपी पैलेस में आयोजित कार्यक्रम पधारे। यहां उन्होंने हिन्दुस्तान समाचार पत्र के प्रधान सम्पादक शशि शेखर द्वारा लिखित पुस्तक लीक से हटकर का विमोचन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पुस्तक प्राप्त करने का बड़ा लाभ तब होता है, जब पुस्तक को खरीद कर पढ़ा जाता है नि:शुल्क प्राप्त पुस्तक को लोग कम महत्व देते है। साथ ही उन्होंने उपनिषद के संस्कृत श्लोक का उदाहरण देते हुए कहा कि जो व्यक्ति बैठा रहता है, उसका भाग्य बैठ जाता है। जो व्यक्ति सोता रहता है उसका भाग्य भी सो जाता है। इसलिए व्यक्ति को चलते रहना चाहिए।

कार्यक्रम में प्राइड ऑफ आगरा के अध्यक्ष पूरन डाबर, सचिव संजय तौमर, महापौर इन्द्रजीत आर्य, सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया, चौ. बाबूलाल, कुलपति प्रो. अरविंद दीक्षित जिले के सभी सभी विधायकगण, कवि सोमठाकुर, सीपी राय, आदि नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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