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केरल में संघ कार्यकर्ता की हत्या राजनीतिक षड्यंत्र

केरल में संघ कार्यकर्ता की हत्या राजनीतिक षड्यंत्र

आरएसएसनई दिल्ली। केरल में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कार्यकर्ता बीजू (34 वर्ष) की हत्या पर संघ ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ मनमोहन वैद्य ने कहा, 'संघ कार्यकर्ता बीजू की हत्या ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सत्तारूढ़ पार्टी सीपीआई (एम) हथियार डालने को तैयार नहीं है।'
वैध ने शनिवार को कहा कि केरल के कन्नूर जिले में संघ कार्यकर्ता बीजू की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा की गयी हत्या की संघ कड़ी निंदा करता है। सत्तारूढ़ पार्टी के लोग अपने राजनैतिक विरोधियों को अपने गढ़ों से उखाड़ने के लिए हिंसा का सहारा लगातार ले रहे हैं।

राज्य की पुलिस ने सीपीआई (एम) के खतरे को ध्यान में रखते हुए बीजू को पुलिस सुरक्षा प्रदान की थी। जिसको घटना से पहले वापस ले लिया गया। इससे स्पष्ट है कि बीजू लंबे समय से सीपीआई (एम) के निशाने पर था। यह हत्या एक भयावह राजनीतिक षड्यंत्र के तहत की गयी थी ।

पुलिस ने जब इस हत्या के मामले को दर्ज कर जाँच प्रारम्भ की तब अचानक राज्य सरकार द्वारा पुलिस अधीक्षक का तबादला करना भी जाँच की दिशा को भटकाना है।
वैध ने कहा कि सीपीआई (एम) शासन में केरल में स्वयंसेवकों की हत्याओं में लगातार वृद्धि हुई है। राजनीतिक हत्याओं में सरकार की विशेष भूमिका की पुष्टि करता है, यह अत्यधिक निंदनीय है। राज्य में पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी मूक दर्शक बनी हुई है। संघ मांग करता है कि पुलिस को इस केस में तत्काल आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्यवाई करें।

उल्लेखनीय है कि संघ कार्यकर्ता बीजू (34) आरएसएस का कक्कानपारा मंडल कार्यवाहक थे। केरल के कन्नूर जनपद में पलाकोड के मटम पुल के पास से बीजू अपनी मोटरसाइकिल पर जा रहे थे तभी घात लगाकर उसकी जघन्य हत्या कर दी गयी थी।

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