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ताज महोत्सव से दूर रहेंगे सैलानी ?

आगरा। ताज महोत्सव! एक ऐसा मंच जहां भारतीय संस्कृति और कला जीवंत हो उठती है। 10 दिन तक देश के कोने-कोने से आए कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। भारतीय संस्कृति को पसंद करने वाले विदेशी सैलानियों के लिए यह आकर्षण का केंद्र बन सकता है, मगर इस बार भी ऐसा नहीं होगा। विदेशी सैलानी महोत्सव से दूर ही रहेंगे। पर्यटन विभाग द्वारा इस ओर उचित ध्यान नहीं दिए जाने से ऐसा होगा।

बता दें कि ताजनगरी में वर्ष 1992 में ताज महोत्सव की शुरुआत हुई थी। इस बार 26वां महोत्सव 18 से 27 मार्च तक शिल्पग्राम में होगा। उप्र विधानसभा चुनाव के चलते इस वर्ष एक माह विलंब से आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में वह सब खूबिया हैं, जो विदेशी सैलानियों को लुभा सकती हैं। इसमें 10 दिन तक देश के कोने-कोने से आए कलाकार भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। नृत्य, गायन, वादन से लेकर हस्तशिल्प का प्रदर्शन होता है। भारत घूमने आने वाले विदेशी सैलानियों के लिए ताजनगरी में यह एक अच्छा और रात्रि प्रवास को बढ़ावा देने वाला कार्यक्रम बन सकता है। आयोजक इस पर कोई ध्यान नहीं देते हैं। इस बार भी ऐसा ही किया गया है। टूर ऑपरेटर को इसकी कोई जानकारी समय पर नहीं दी गई।

विलंब से महोत्सव हो रहा है और कलाकार भी देर से तय किए गए हैं। इससे विदेशी पर्यटकों को ताज महोत्सव से जोडऩे का मौका गंवा दिया गया है। सैलानियों की आइटनरी करीब छह माह पहले ही तय हो जाती है। भारत में वह इसी हिसाब से घूमते हैं, लेकिन महोत्सव का कार्यक्रम देर से तय होने की वजह से सैलानियों को इसकी जानकारी टूर ऑपरेटर नहीं दे पाते हैं। इंडियन ट्रैवल विद लीजर के अनुज रावत बताते हैं कि महोत्सव से विदेशी पर्यटकों को जोडऩा है तो कम से कम छह माह पहले उसका कार्यक्रम तय कर लिया जाए। इससे हम विदेशी सैलानियों को इसके बारे में बता सकेंगे। विजिट के बीच में हम परिवर्तन नहीं कर सकते हैं। वहीं, उपनिदेशक पर्यटन दिनेश कुमार ने बताया कि हमने इस बार दिल्ली के ट्रैवल ऑपरेटर से वार्ता की है। उन्हें ताज महोत्सव के बारे में जानकारी दी गई है। वेबसाइट के माध्यम से कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इच्छुक टूर ऑपरेटर हमसे संपर्क कर सकते हैं। विदेशी सैलानियों के लिए उचित इंतजाम किए जाएंगे।

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