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तस्करी कर लायी गयी एक करोड़ की शराब बरामद

श्ाराब का पकड़ा जाना पुलिस के लिये बड़ी कामयाबी
झांसी। विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया के चलने के दौरान कोतवाली पुलिस, प्रभारी सर्विलांश और स्वॉट टीम ने संयुक्त रुप से एक ट्रक अंग्रेजी शराब पकड़ी है। इतनी बड़ी मात्रा में शराब का पकड़ा जाना पुलिस के लिये बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पकड़ी की गई शराब की कीमत लगभग एक करोड़ रुपए बताई जा रही है। भारी मात्रा में शराब पकडऩे पर पुलिस टीम को पुरस्कृत किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश चौरसिया के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह के नेतृत्व में स्वॉट प्रभारी विक्रम सिंह और शहर कोतवाल आशीष मिश्रा और प्रभारी सर्विलांश स्वतंत्र सिंह अपने हमराह दुर्गेश चौहान, मनोज कुमार, नरेन्द्र कुमार आदि के साथ बांछित अपराधियों के धरपकड़ अभियान में लगे हुये थे। तभी पुलिस को खास मुखबिर सूचना मिली की एक ट्रक में बड़े पैमाने पर बॉम्बे नाम की अवैध शराब झांसी के कोतवाली क्षेत्र में लाई जा रही है। सूचना को गम्भीरता से लेते हुये पुलिस ने मुखबिर के बताये मार्ग पर दबिश दी, जहां एक ट्रक क्रमांक यूपी 78 सीएन 4856 माल उतारने के लिये गाड़ी रोकना चाह रहा था, इससे पहले कि माल उतर पाता पुलिस ने चारों तरफ से घेर कर ट्रक को पकड़ लिया। जिसको चलाने वाले ड्राईवर और क्लीनर ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पकड़ लिया। पकड़े गये ट्रक को कोतवाली लाया गया। जहां उसकी तलाशी ली गई तो पूरा ट्रक शराब से भरा हुआ था। पुलिस से ट्रक से दो लोगों को भी पकड़ा है। जिनसे पूछताछ में अपना नाम अभिनव नगर इन्दौर निवासी जसवन्त सिंह पुत्र रेशम सिंह और थाना छावनी जिला इन्दौर मध्यप्रदेश बताया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश चौरसिया ने पत्रकारों को बताया कि पकड़े गये अभियुक्तों ने बताया कि यह शराब एसोसियेटेड अल्कोहल्स एण्ड ब्रेवरिज लिमिटेड खोडी जिला खरगौन मध्यप्रदेश से लदकर झांसी लाया गया था। इन्दौर में शराब कम्पनी में काम करने वाले शराब तस्करी में लिप्त ज्ञानसिंह ने यह ट्रक लोड करवा कर झांसी में वितरण के लिये भेजा है, जो ग्वालियर के भदौरिया और मौंठ निवासी मानवेन्द्र सिंह को सप्लाई होना था, जहां खड़ा होकर ट्रक पार्टी का इन्तजार कर रहा था तभी पकड़ा गया।
शराब तस्करी करने का अजब तरीका

एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश में शराब तस्करी करने का अजब तरीके का पुलिस ने खलासा किया है यह एक एजेन्ट एचएन सिंह नामक व्यक्ति द्वारा किया जाता है जो अब कम्पनी से रिटार्यड हो चुका है। उक्त डिस्टीलरी में अरूणांचल का माल बनता है। अरूणाचंल से परमिट मिलने पर एक गाड़ी माल लोड कर डिस्टीलरी में भेजा जाता है। माल लोड होने के बाद बाहर आने पर कुछ दूरी पर ट्रक को खराब कर दिया जाता है तथा दूसरे ट्रक में माल पलटने की आदेश आवकारी विभाग देता है। परमिट मिलने के बाद माल उत्तर प्रदेश के शराब माफियाओं को दे दिया जाता है जो उस पर लगे रैपर और होलोग्राम बदलकर यूपी के लगाकर परमिटशुदा ठेकेदारों को सप्लाई की जाती है। प्रदेश के कई जनपदों में कौशाम्बी, जौनपुर, इलाहाबाद, प्रतापगढ़ में भी इनकी गाडिय़ां पकड़ी गयी है जहां मामले भी दर्ज हैं।

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