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इस साल बदले एमपी बोर्ड के ये नियम, केंद्रीय स्कूलों की तर्ज पर ऐसे होगी परीक्षा

इस साल बदले एमपी बोर्ड के ये नियम, केंद्रीय स्कूलों की तर्ज पर ऐसे होगी परीक्षा

भोपाल। राज्य सरकार ने अब पहली कक्षा से 10वीं कक्षा तक फेल न करने की नीति बदल दी है। इसके साथ ही इस सत्र से ही कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इनके तहत इस साल एमपी बोर्ड की परीक्षाएं जल्द होंगी। वहीं बोर्ड का सत्र भी जल्द ही शुरू हो जाएंगे।
दरअसल शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। शिक्षा विभाग को इस संदर्भ के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इन प्रयासों के तहत अब एमपी बोर्ड में अध्ययनरत स्टूडेंट अगर पढ़ाई नहीं करेंगे तो फेल भी हो जाएंगे। अब तक नियम था कि पहली से दसवीं कक्षा तक के स्टूडेंट्स को फेल नहीं किया जा सकेगा। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

अप्रैल में शुरू हो जाएगी पढ़ाई

बदलावों के तहत एक महत्वपूर्ण बदलाव ये भी है कि इस बार परीक्षाएं जल्दी होंगी। मध्यप्रदेश बोर्ड का सत्र भी केंद्रीय स्कूलों की तरह अप्रैल में ही शुरू हो जाएगा। यानी इस साल शिक्षा सत्र 2018-2019 जुलाई के बजाय अप्रैल से ही शुरू हो जाएगा।

राज्य शिक्षा केंद्र ने जारी किए आदेश

सत्र 2018-19 के शैक्षणिक सत्र को लेकर राज्य शिक्षा केंद्र ने आदेश जारी किया है कि 'अब 2018-19 का शैक्षणिक सत्र जुलाई की बजाय 1 अप्रैल से प्रारंभ होगा। Ó इस आदेश में प्राथमिक-माध्यमिक विद्यालयों की मुख्य परीक्षाएं फरवरी-मार्च में संपन्न कराने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी व परियोजना समन्वयक जिला शिक्षा केन्द्र के साथ अन्य अधिकारियों को दिए गए हैं।

राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि परीक्षाओं को लेकर सभी तैयारियां प्रारंभ कर दी जाएं। जिससे कि निर्धारित समय सीमा में परीक्षाएं संपन्न कराने के साथ ही परीक्षा परिणाम भी समय पर घोषित किया जा सके। ताकि आगामी सत्र को प्रारंभ करने में परेशानी न हो। अभी तक कक्षा 1 से 8 तक की परीक्षाएं अप्रैल में कराई जाती थी। लेकिन अब नए सत्र का शुभारंभ अप्रैल माह से ही होना है।


अब राज्य स्तर पर तैयार होंगे प्रश्न-पत्र

कक्षा 1 से 8 तक के मुख्य विषयों के प्रश्न पत्र इस वर्ष राज्य शिक्षा केन्द द्वारा मुहैया कराए जाएंगे। जिससे कि प्रदेश में एकरूपता रहे और परिणाम तुलनात्मक हो सके। वार्षिक मूल्यांकन के प्रश्नपत्रों की सीडी डीपीसी को जनवरी माह के अंत में उपलब्ध कराई जाएगी। प्रश्नपत्र निर्माण व मॉडरेशन कार्य के बारे में डाइट एवं शासकीय शिक्षा महाविद्यालय को संबंधित कक्षा व विषय के ब्लूप्रिंट आदि सामग्री भी दिसम्बर माह के अंतिम सप्ताह में उपलब्ध कराई जायेगी। यहां जरूरत होगी पेरेंट्स की अवेयरनेस की ताकि वे बच्चों को पहले से ही परीक्षा की तैयारी करवा सकें, ताकि परीक्षा के समय स्टूडेंट्स पर पढ़ाई का एक्सट्रा बर्डन न हो। इस तरह की गई तैयारी से स्टूडेंट्स परीक्षा में बेहतर स्कोर गैन कर सकेंगे।


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