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डिजिटल इंडिया : महंगी पड़ रही है कैशलेस प्रणाली

डिजिटल इंडिया : महंगी पड़ रही है कैशलेस प्रणाली


ग्वालियर।
भारत देश डिजिटल हो रहा है। सरकार की मंशा है कि हर व्यक्ति पैसे का भुगतान कार्ड से करे और जेब में नगदी रखने की आवश्यकता नहीं हो। नोटबंदी के बाद से सरकार की यह मंशा काफी हद तक सफल भी हो रही है और लोग कार्ड से भुगतान भी कर रहे हैं लेकिन कार्ड से भुगतान करने पर लोगों को खुदरा मूल्य के अलावा दुकानदार को स्वाइप मशीन से कार्ड पर लेनदेन करने पर अतिरिक्त पैसे अदा करने पड़ रहे हैं, जिससे एक हजार रुपए वाली वस्तु कार्ड से भुगतान करने पर 15 से 20 रुपए अधिक महंगी मिल रही है।

वहीं शहर के सीए एवं व्यापारियों का सरकार से कहना है कि वह बैंको को निर्देशित करें कि कैशलेस पद्धति के अंतर्गत कार्ड से रुपयों के लेनदेन (कैशलेस) पर जो अतिरिक्त चार्ज लिया जा रहा है उसे समाप्त करे जिससे ग्राहक को वस्तु को अधिक पैसे नहीं चुकाने पड़े।

आइए समझे कि ऐसे पड़ रहा है अतिरिक्त भार:-ब्राण्डेड कम्पनियों को छोड़ दें तो स्थानीय शोरूम संचालक एवं छोटे-बड़े दुकानदार से अगर आप कोई वस्तु कैशलेस पद्धति के अंतर्गत कार्ड से खरीदते हैं तो वह दुकानदार ग्राहक के बैंक से दुकानदार की बैंक में जो पैसों का लेनदेन होता है उस पर दो से तीन प्रतिशत अतिरिक्त पैसा लिया जाता है। मान लीजिए की आपने किसी दुकान से एक हजार रुपए का जींस खरीदा अगर आप इसका भुगतान नगद करते हैं तो आपको एक हजार रुपए ही देने होंगे यदि यह भुगतान आप कार्ड के माध्यम से करेंगे तो आपको एक हजार रुपए का जींस 1020 व 1030 रुपए का पड़ेगा। इसके अनुसार नगद भुगतान की अपेक्षा कै शलेस पद्धति अधिक महंगी साबित होने लगी है।

एक बैंक से दूसरी बैंक में जाने में लग रहा है पैसा

मान लीजिए कि आपके पास एसबीआई बैंक का कार्ड है और दुकानदार एचडीएफसी का ग्राहक है। ऐसे में ग्राहक और दुकानदार के बीच कार्ड के माध्यम से जो लेनदेन होता है उस पर दो से तीन प्रतिशत तक अतिरिक्त पैसा बैंक खाते से वसूल लेती है। बैंक इस पैसे को सर्विस चार्ज के रूप में मान रहीं है।

ब्राण्डेड कम्पनियां नहीं ले रही हैं अतिरिक्त पैसा

शहर में ब्राण्डेड कम्पनियां जो माल की बिक्री की कर रही हैं उसमें सभी कर समाहित हैं। अगर इन कम्पनियों से ग्राहक कार्ड से किसी वस्तु की खरीदारी करते हैं तो यह कम्पनी बैंक द्वारा वसूले जाने वाले अतिरिक्त पैसों का वहन स्वयं कर रहीं हैं। यह कम्पनियांं ग्राहकों को इस सिस्टम से दूर रखे हुए हैं।

चैक से भुगतान करने पर नहीं लगेगा अतिरिक्त शुल्क

अगर आप कार्ड से भुगतान नहीं करके अपने पैसे को बचाना चाहते हैं और नगद राशि भी आपके पास नहीं है तो आप चैक से भुगतान कर सकते हैं। चैक से भुगतान करने पर किसी प्रकार से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा और की गई खरीदारी भी प्रमाणित सिद्ध होगी।

इनका कहना है

‘ग्राहक जिस माल को कार्ड के माध्यम से खरीदेगा उसे डेढ़ से तीन प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क देना ही होगा और नगद भुगतान करोगे तो कोई अतिरिक्त पैसे देने की जरूरत नहीं है। इसी के साथ जीएसटी भी लगेगा, क्योंकि बैंक द्वारा वसूले जाने पर अतिरिक्त शुल्क का वहन हम क्यों करें। ’

पुरूषोत्तम जैन, अध्यक्ष, सराफा बाजार

‘हम लोग सभी माल कर अदा करके ही बेचते हैं। होता कभी क्या है कि दुकानदार ग्राहक से अपने व्यवहार को ध्यान में रखते हुए कार्ड पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क को नहीं लेता है और स्वयं ही उसका वहन कर देता है। सरकार या बैंक जो भी अतिरिक्त पैसे लेगी उसका भार तो ग्राहक पर ही आएगा और उसको ही भुगतान करना पड़ रहा है।’

रवि प्रताप अग्रवाल, स्वर्ण कारोबारी

‘नगद भुगतान पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा है। अगर आप कार्ड से भुगतान करोगे तो बैंक द्वारा वसूले जाने वाले अतिरिक्त पैसे तो देना ही होंगे। ’

मनीष बांदिलसचिव एवं शक्कर कारोबारी,
दाल बाजार व्यापार समिति

‘वर्तमान समय में कैशलेस पद्धति महंगी पड़ रही है। सरकार से हमारा यही कहना है कि अगर आप कैशलेस को बढ़ावा देना चाहते हो तो लेनदेन पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क समाप्त किया जाए तभी कैशलेस पद्धति सफल हो सकेगी। ’

आशीष पारिख, सीए

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