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40 सेकंड में पता चलेगा ड्रायविंग लाइसेंस मिलेगा की नहीं

इंदौर। अब दो या चार पहिया वाहन चलाने वाले ड्रायविंग लाइसेंस लेने के लिए वाहन चालकों को ड्रायवर टेस्टिंग ट्रेक सिस्टम से टेस्ट देना होगा। राजधानी भोपाल, इंदौर सहित मध्यप्रदेश के 37 जिलों में ड्रायविंग ट्रेक का निर्माण फरवरी 2017 तक कर लिया जाएगा। इसके बाद मार्च से यह सिस्टम शुरू होगा। यदि गाड़ी सही तरीके से चलाई तो सेफ्ट ड्रायविंग के सहारे नियमों का पालन करने पर तत्काल ड्रायविंग लाइसेंस मिल पाएगा।

परिवहन विभाग के अनुसार नए सिस्टम में 40 सेकंड के अंदर ही टेस्ट में पास, फेल होने की सूचना दे दी जाएगी। फेल होने पर छह महीने का इंतजार करना होगा। इसके बाद फिर से लर्निंग व परमानेंट लाइसेंस का टेस्ट लिया जाएगा। इंदौर सहित 37 जिलों में ड्रायविंग ट्रेक का निर्माण किया जा रहा है। मार्च 2017 से यह सिस्टम शुरू हो जाएगा।

ट्रेक में कम्प्युटर सेंसर, सीसीटीवी कैमरे साफ्टवेयर से कनेक्ट होंगे। ट्रेक पर वाहन आते ही सिस्टम उसका आबजर्वेशन शुरू कर देगा। टेस्ट के लिए 40 सेकंड का समय मिलेगा। लाइन टच करने जैसी माइनर चूक भी मॉनिटरिंग होगी। बिना गलती किए ट्रेक पर वाहन चलाया तो टेस्ट में सफलता मिलेगी अन्यथा सिस्टम फेल कर देगा उसके बाद छह महीने के बाद ही सूचना दी जाएगी।

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