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कैराना पहुंचा बीजेपी का आठ सदस्यीय जांच दल, पलायन मामले की करेगा जांच

कैराना पहुंचा बीजेपी का आठ सदस्यीय जांच दल, पलायन मामले की करेगा जांच

कैराना पहुंचा बीजेपी का आठ सदस्यीय जांच दल, पलायन मामले की करेगा जांच

लखनऊ | उत्तर प्रदेश के कैराना से हिंदुओं के कथित पलायन को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कैराना कस्बे से हिंदुओं के कथित पलायन पर आक्रामक रुख बनाए रखते हुए बीजेपी सांसद हुकूम सिंह ने मंगलवार को दावा किया कि पलायन करने वाले परिवारों की संख्या 400-500 हो सकती है, जबकि शामली के जिला अधिकारी सुजीत कुमार ने कहा कि कुछ लोगों ने ‘सांप्रदायिक गतिविधि’ के कारण नहीं, बल्कि ‘आर्थिक कारणों’ से इस कस्बे को छोड़ा है।

हिंदुओं के कथित पलायन मामले की जांच को लेकर बीजेपी का आठ सदस्यीय जांच दल बुधवार को कैराना के दौरे पर पहुंचा। बीजेपी का जांच दल पार्टी के नेता सुरेश खन्ना के नेतृत्व में आज सुबह कैराना पहुंचा। इस जांच दल में सत्यपाल सिंह, राघव लखनपाल, विधायक सुरेश खन्ना, बृजलाल आदि शामिल हैं। बीजेपी की जांच टीम में 5 सांसद भी शामिल हैं।

सिंह ने कहा कि मेरा मानना है कि यह सूची बढ़ सकती है। यह संख्या 400-500 हो सकती है। कोई एक आरोपी नहीं है, ये कई लोग हैं। कोई पता कर सकता है कि ये कौन लोग हैं। उन्होंने पहले आरोप लगाया था कि 346 परिवारों को यह कस्बा छोड़ना पड़ा है। कैराना शामली जिले का कस्बा है जो मुस्लिम बहुल है। शामली के जिला अधिकारी सुजीत कुमार ने सांप्रदायिकता और कानून-व्यवस्था का कोई मामला होने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि अब तक हमने 119 परिवारों के सूची की जांच की है। इस सूची में शामिल 10-15 परिवार अब भी कैराना में रहते हैं और 68 परिवार 10-15 साल पहले इलाके से चले गए थे। वे आर्थिक कारणों के चलते कस्बे से गए। अब तक हमने कानून-व्यवस्था का कोई मामला नहीं पाया है। कुमार ने कहा कि कोई सांप्रदायिक गतिविधि नहीं है।

बता दें कि केंद्र सरकार ने कैराना में हिंदुओं के पलायन पर उत्तर प्रदेश सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। गृह मंत्रालय ने यूपी सरकार से कहा है कि वह पलायन के आरोपों की जांच कर जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट पेश करें।

इस तरह के आरोप हैं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शामली जिले के कैराना से हिंदू परिवारों को दूसरे समुदाय के लोगों ने उनके घर छोड़ने को मजबूर किया। हालांकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मामले में भाजपा नेताओं पर बेईमान होने और झूठ बोलने का आरोप लगाया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को राजभवन में राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात करके मथुरा के जवाहर बाग की घटना, कैराना व दादरी मामला तथा लखनऊ में गत दिनों हुई लूटपाट व डकैती की घटनाओं पर सरकार द्वारा की गयी कार्रवाई की जानकारी दी। राजभवन से जारी बयान के मुताबिक राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से कहा कि इन घटनाओं की लिखित रिपोर्ट उनके पास जल्द से जल्द भेजी जाए।

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