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लाखों की मशीनें खा रही हैं धूल

कम नहीं हो रहीं मरीजों की परेशानियां मशीनों की नहीं हो रही मरम्मत, इलाज के लिए भटक रहे मरीज

ग्वालियर | शासकीय अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार देने का दावा करने वाले अधिकारी नींद में हैं, और मरीजों को उपचार कराने के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च करना पड़ रहे हैंं। शहर में स्थित जयारोग्य चिकित्साल में अंचल भर से मरीज इस उम्मीद से आते हैं कि उन्हें ग्वालियर के बड़े अस्पताल में बेहतर उपचार मिलेगा, लेकिन जब मरीज जयारोग्य चिकित्सालय में पहुंचते हैं तो उन्हें यहां ऐसी कोई सुविधा नहीं मिलती है।

जिले के सबसे बड़े अस्पताल गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय एवं जयारोग्य चिकित्सालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं से मरीजों को आए दिन परेशान होता देखा जा सकता है। यहां लाखों की एक्सरे मशीनें लम्बे समय से खराब पड़ी हुई हैं, जिन्हें सुधारने के लिए कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है। अधिकारियों की अनदेखी के चलते जयारोग्य चिकित्सालय के हालात दिनों दिन बिगड़ते जा रहे हैं। अस्पताल की स्थिति यह है कि यहां उपचार कराने वाले मरीजों को न तो हवा मिल रही है, और न ही दवा। अब तो यहां के मरीजों को जांच के लिए भी ऐसी भीषण गर्मी में परेशान होना पड़ रहा है। मरीजों को अभी तक सिर्फ दवाएं ही बाहर से खरीदनी पड़ रही थीं, लेकिन अब तो मरीजों को जांचें भी बाहर से करानी पड़ रही हैं।

एलएफटी की जांच के लिए देने पड़ रहे पैसे
जयारोगय चिकित्सालय में भर्ती मरीजों को एलएफटी की जांच कराने के लिए पैसे खर्च करना पड़ रहे हैं। सेन्टर पैथोलॉजी में विगत सात दिनों से बंद पड़ी एसी के कारण आए दिन एलएफटी की जांच करने वाली मशीन खराब हो जाती है। इस कारण मरीजों को निजी पैथोलॉजी पर जांच के लिए जाना पड़ रहा है।

लगभग 500 मीटर से अधिक दूर जाते हैं जांच के लिए
कमलाराजा अस्पताल में लगभग एक वर्ष से खराब पड़ी एक्सरे मशीन को सही कराने के किसी भी अधिकारियों का ध्यान नहीं जा रहा है। कमलाराजा अस्पताल में कई दिनों से बंद पड़ी एक्सरे मशीन के कारण महिलाओं को उनके परिजन कमलाराजा अस्पताल से माधव डिस्पेंसरी तक एक्सरे एवं अल्ट्रासाउण्ड कराने तपती धूप में ले जाते हैं। इन दिनों ऐसी भीषण गर्मी में जहां एक ओर लोग घरों से निकलना पसंद नहीं कर रहे हैं, वहीं मजबूरी में मरीज के परिजन अपने मरीज के उपचार के लिए कमलाराजा अस्पताल से माधव डिस्पेंसरी तक जांच करने जाने के लिए मजबूर हैं, लेकिन इन मरीजों का दर्द चिकित्सकों को नहीं दिख रहा है।

गंभीर मरीजों को भी होना पड़ रहा है परेशान
जयारोग्य चिकित्सालय के आईसीयू में भर्ती मरीजों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आईसीयू में बेडसाइड एक्सरे मशीन खराब होने के कारण गंभीर मरीज के परिजनों को भी एक्सरे कराने के लिए माधव डिस्पेंसरी ले जाना पड़ रहा है। एक तरफ जहां पारा 44 डिग्री को छू रहा है, वहीं दूसरी तरफ ऐसी भीषण गर्मी में दोपहर के समय भी मरीज के परिजनों को आईसीयू से माधव डिस्पेंसरी तक एक्सरे कराने के लिए स्टे्रचर का सहारा लेना पड़ रहा है।

हड्डी के मरीज भी हो रहे परेशान
जयारोग्य अस्पताल स्थित पत्थर वाले भवन में हड्डी रोग विभाग में भी बेडसाइड एक्सरे मशीन खराब होने के कारण हड्डी वाले मरीजों को भी माधव डिस्पेंसरी में एक्सरे कराने के लिए जाना पड़ रहा है।

ट्रॉमा सेन्टर में नहीं हुई अभी तक व्यवस्था
ट्रॉमा सेन्टर की एक्सरे मशीन खराब हुए कई महीने हो गए हैं, लेकिन यहां की मशीन को सही कराने के लिए कोई भी अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं। ट्रॉमा सेन्टर में अधिकतर सभी मरीज गंभीर अवस्था में आते हैं, लेकिन ट्रॉमा सेन्टर की एक्सरे मशीन खराब होने के कारण मरीजों को माधव डिस्पेसरी में ही एक्सरे के लिए जाना पड़ता है।

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