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डाॅ. अम्बेडकर के संदेशों को हृदयांगत करें- अशोक बेरी

डाॅ. अम्बेडकर के संदेशों को हृदयांगत करें- अशोक बेरी

डाॅ. अम्बेडकर के संदेशों को हृदयांगत करें- अशोक बेरी

महाजन भवन जयपुर हाउस, आगरा में सामाजिक समरसता मंच आगरा द्वारा डाॅ. बी.आर. अम्बेडकर समरसता गोष्ठी में मुख्यवक्ता के रूप में बोलते राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अ.भा. कार्यकारिणी मंडल के सदस्य अशोक बेरी।

समाजिक समरसता मंच की गोष्ठी में पधारे सर्वसमाज के प्रमुख


आगरा। डाॅ. भीम राव अम्बेडकर ने समाज में शिक्षा, स्वाभिमान एवं शील की प्रेरणा के साथ समाज जीवन में परिवर्तन के लिए आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति जाग्रत की। उनका सम्पूर्ण जीवन श्रेष्ठ रहा। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष किया। उच्च शिक्षा प्राप्त की। अपने जीवन में ऐसा कोई कार्य नहीं किया जिससे देश की एकता टूटती हो। हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेकर सैद्धांतिक ही नहीं अपितु हृदयांगत कर (प्रेक्टीकल के रूप में) समाज को समरस करने हेतु आगे आना चाहिए।
उक्त उद्बोधन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अ.भा. कार्यकारिणी मंडल के सदस्य अशोक बेरी ने महाजन भवन जयपुर हाउस, आगरा में सामाजिक समरसता मंत्र आगरा द्वारा डाॅ. बी.आर. अम्बेडकर समरसता गोष्ठी में मुख्यवक्ता के रूप में व्यक्त किए।
मंच पर आसीन थे समरसता मंच के महानगर संयोजक घनश्याम वाष्र्णेय, कार्यक्रम के अध्यक्ष विशन सत्यार्थी, महानगर संधचालक विजय गोयल एवं विशिष्ठ अतिथि समाजसेवी देवकी नन्दन सोन।
राष्ट्रीय सेवा भारती के क्षेत्र समन्वयक सतीश अग्रवाल ने समरसता मंच के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में प्रान्तीय संयोजक डाॅ. रामबाबू हरित, समिति के सदस्य भानु महाजन, महानगर सहसंयोजक कौशल एवं महानगर सहसंयोजक डाॅ. राजकुमार सागर ने व्यवस्थाएं सम्भालीं।
अशोक बेरी ने कहा कि समाज जीवन में परिवर्तन के लिए सम्पूर्ण समाज में अन्तः प्रेरणा चाहिए, आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति चाहिए। अतः समरसता मंच के कार्यकर्ता समाज में ऊपर उठने की इच्छाशक्ति जागृत करने का कार्य तेज गति से करें। उन्होंने बताया कि आर्थिक विपन्नता के कारण समाज में हीन भाव के साथ ही अवगुणों का समावेश स्वाभाविक है। इससे अपना समाज कमजोर हो जाता है। बाबा साहब ने इन कारणों का अध्ययन किया तथा उनकी शिक्षा, स्वाभिमान एवं शील ( सत्यनिष्ठा, बन्धुप्रेम तथा राष्ट्रप्रेम) की शिक्षा दी।
अशोक बेरी ने कहा कि महापुरुष सम्पूर्ण देश के होते हैं। उन्हें किसी एक जाति विशेष से बांधना अनुचित है। बाबा साहब ने देश के मानबिन्दुओं के प्रति आस्था, सभी के प्रति श्रृद्धा का भाव जाग्रत किया। किसी भी पूजा पद्धति मत मतान्तरों आदि के मूल में देश को आगे रखा। उन्होंने सम्पूर्ण समाज की वृत्ति को बदलने का प्रयास किया।
इनकी भी रही उपस्थिति

महाजन भवन जयपुर हाउस, आगरा में सामाजिक समरसता मंच आगरा द्वारा डाॅ. बी.आर. अम्बेडकर समरसता गोष्ठी में मौजूद सामाजिक समरसता मंच आगरा के सदस्य।

क्षेत्र सेवा प्रमुख गंगाराम, विभाग संघचालक हरीशंकर, विभाग कार्यवाह राजन, सह विभाग सेवा प्रमुख अशोक शर्मा, रामगोपाल कुश, प्रान्तीय कार्यकारिणी सदस्य सुभाष बोहरा, महानगर मंत्री सेवा भारती जगमोहन गुप्ता, महानगर अध्यक्ष सेवा भारती, डाॅ. वेद त्रिपाठी, दिलीप जी, वीरेन्द्र दीक्षित, राष्ट्रीय सेविका समिति की प्रान्तीय अधिकारी आशारानी बोहरा, रामशरण वर्मा, अवधेश थै।

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