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लोकतंत्र सेनानियों ने माना मुख्यमंत्री का आभार

लोकतंत्र सेनानियों ने माना मुख्यमंत्री का आभार

ग्वालियर। आपातकाल में सामाजिक एवं राजनैतिक कारणों से मीसा एवं आंतरिक सुरक्षा कानून (डीआईआर) के अंतर्गत बंदी बनाए गए लोकतंत्र सैनानियों (मीसा बंदियों) को दी जाने वाली लोक नारायण सम्मान निधि को समान करते हुए इसमें वृद्धि की है। अब मीसा और आंतरिक सुरक्षा कानून के तहत बंदी रहे सभी लोकतंत्र सेनानियों को प्रदेश सरकार की ओर से प्रति माह 25 हजार रुपये सम्मान निधि प्राप्त होगी।

उल्लेखनीय है कि अब तब लोकतंत्र सेनानियों को मिलने वाली सम्मान निधि दो स्लैब में मिलती थी। अकारण छह माह तक मुकद्मा चलाकर जेल में रखे जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों (मीसा बंदियों)को 10 हजार रुपये एवं आपातकाल के समय छह माह से अधिक पूरे समय जेल में बंद रहे लोकतंत्र सेनानियों (मीसा बंदियों) को 15 हजार रुपये सम्मान निधि के रूप में मिलते थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी ओर से पहल करते हुए अब इन दोनों स्लैबों को समान कर सम्मान निधि की राशि को 25 हजार रुपये कर दिया है। बैठक की अध्यक्षता सर के पी सिंह, संचालन मदन बाथम ने एवं आभार एडवोकेट ज्ञान प्रकाश गर्ग ने व्यक्त किया। बैठक में प्रांतीय उपाध्यक्ष मोहन बिटवेकर, गुलशन गोगिया, हिंद कुमार कोहली, शांति बाबा, सुभाष वर्मा, गोपाल गांगिल, पुनीत सक्सेना, जयंतपाल खुराना, डी डी आर्य ने भी विचार व्यक्त किए।

बैठक में मिली खुशखबरी
शुक्रवार को लोकतंत्र सेनानी संघ के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में संगठन के प्रांतीय सचिव तथा संभाग प्रमुख मदन बाथम ने उपस्थित पदाधिकारियों को सम्मान निधि बढ़ाए जाने का समाचार सुनाया। बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सम्मान निधि में बढ़ोत्तरी किए जाने पर मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए इसे मुख्यमंत्री द्वारा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मानित किया जाना बताया। बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सहयोगकर्ता केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र ङ्क्षसह तोमर एवं सामान्य प्रशासन मंत्री लाल सिंह आर्य के ग्वालियर आगमन पर उनका सम्मान करने का निर्णय लिया गया। मीसा बंदियों के आयोजनों को सफल बनाने में महती भूमिका निभाने के लिए समाजसेवी शंकर बाथम 'इंडियाÓ को शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया गया।

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