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अन्तरराष्ट्रीय किरदारों का चयन में भी सतर्क रहती हैं प्रियंका चोपड़ा

अन्तरराष्ट्रीय किरदारों का चयन में भी सतर्क रहती हैं प्रियंका चोपड़ा

मुंबई। बॉलीवुड के प्रमुख सितारों में से एक अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा अब अपने अन्तरराष्ट्रीय किरदारों का चयन काफी सावधानी से कर रही हैं। प्रियंका ने कहा कि वह ऐसा कुछ नहीं करना चाहती हैं जिससे हिंदी फिल्म जगत में उनके मौजूदा स्थान को कोई भी नुकसान पहुंचे। अमेरिकी टीवी शो में मुख्य भूमिका पाने वाली पहली महिला अदाकारा अब ‘बेवॉच में भी मुख्य विलेन की भूमिका निभाती नजर आएंगी।

प्रियंका हाल ही में ऑस्कर के रेड कार्पेट पर भी नजर आई थीं और उन्होंने यहां एक विजेता को पुरस्कार भी प्रदान किया था। प्रियंका ने कहा, ‘मैं इस बात को लेकर काफी गंभीर हूं कि हिंदी फिल्म जगत में मेरा एक स्थान है और उसे किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। अपने हालीवुड प्रोजेक्ट में भी मैं वही स्थान हासिल करना चाहती हूं जो बालीवुड में मेरे पास हैं। उन्होंने कहा, ‘ ‘क्वांटिको में मेरा किरदार एलेक्स साधारण या केवल नाम भर का नहीं था। इसी तरह ‘बेवॉच में भी मैं मुख्य विलेन की भूमिका निभा रही हूं। ‘क्वांटिको' में अपनी दमदार अदाकारी के दम पर प्रियंका अमेरिकी दर्शकों के दिलों में भी अपनी जगह बनाने में काफी हद तक कामयाब रही हैं।

प्रियंका ने कहा, जब आपके काम को स्वीकार किया जाता है तो यकीनन आपको अच्छा ही लगता हैं। यह बहुत आवश्यक भी हैं। जब मैं एलेक्स के किरदार के लिए तैयार होती हूं तो मुझे काफी अच्छा लगता हैं। लोग हवाई अड्डों पर मुझे रोककर पूछते हैं कि आतंकवादी कौन है? इन्हीं छोटी छोटी बातों से पता चलता है कि आपके किरदार को किस तरह से लोग स्वीकार कर रहे हैं। वहीं भारत में ‘बाजीराव मस्तानी में अपनी अदाकारी के लिए खूब सराहना हासिल कर चुकी प्रियंका चोपडा एक बार फिर ‘जय गंगाजल के साथ बडे पर्दे पर अपना जलवा बिखेरने को तैयार हैं। प्रकाश झा की यह फिल्म इस शुक्रवार को बडे पर्दे पर रिलीज होगी। प्रियंका का मानना है कि एक देश तक सीमित रहने से अच्छा है कि हम वैश्विक स्तर पर लोगों का मनोरंजन करें।

पूर्व मिस वल्र्ड का कहना है कि उन्होंने अभिनय में कोई प्रशिक्षण नहीं लिया है और वह अपने करियर को पूरी तरह हिंदी सिनेमा की देन मानती हैं। उन्होंने कहा , ‘मेरे अंदर जो भी आत्मविश्वास है वह सब हिंदी सिनेमा की बदौलत हैं। हिंदी फिल्मों में काम करके मुझे काफी कुछ सीखने को मिला। मुझे कैमरे का कोई डर नहीं है। मुझे पता है कि जब मैं कैमरे के सामने हूं तो मुझे क्या करना हैं।

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