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होली पर 237 साल बाद विशेष संयोग

होली पर 237 साल बाद विशेष संयोग

वृश्चिक राशि में रहेगी मंगल एवं शनि की युति

ग्वालियर। फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका दहन किया जाता है व इसके अगले दिन होली खेली जाती है। इस बार होलिका दहन 23 मार्च बुधवार को और दूसरे दिन 24 मार्च को रंग और गुलाल उड़ेंगे।

ज्योतिषाचार्य पं. सतीश सोनी ने बताया कि इस बार होली पर मंगल एवं शनि की युति वृश्चिक राशि में रहेगी। ये योग 237 साल बाद बना है, इसके पहले ये योग 1779 में बना था। उस समय भी मंगल-शनि की युति वृश्चिक राशि में थी व गुरु भी सिंह राशि में था। उन्होंने बताया कि 23 मार्च को सर्वार्थ सिद्धी योग व अमृत सिद्धी योग भी रहेगा।

प्रदोषकाल में होगा होलिका दहन
ज्योतिषाचार्य पंडित सतीश सोनी ने बताया कि 22 मार्च को पूर्णिमा की तिथि दोपहर 3 बजकर 13 मिनट के बाद शुरू होगी। जो 23 मार्च को शाम 5 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। इसके बाद प्रतिपदा की तिथि होगी। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा के प्रदोष काल में होलिका दहन का प्रावधान है। प्रतिपदा, चतुर्दशी एवं भद्रा में होली दहन करना वर्जित है। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा की अवधि 3.30 से अधिक तथा चैत्र कृष्ण प्रतिपदा का समय भी वृद्धि गामी होने से गौधूलि बेला में होलिका दहन श्रेष्ठ व उचित होगा। 23 को सूर्य 6.46 पर अस्त होगा।
जिसके बाद 6.46 से 9.10 तक श्रेष्ठ मुहूर्त है। जबकि 24 मार्च की सुबह 6 बजे से धूल खेली और दोपहर बाद रंग-गुलाल उड़ेगा।

होलिकाष्टक प्रारंभ
होली पर्व के अब सिर्फ 8 दिन शेष हैं। शहर के युवाओं और किशोरों की टोलियां होली उत्सव मनाने की तैयारी में जुट गई हैं। इसके लिए अभी से लकडिय़ां एकत्रित करने और चंदा उगाही का काम शुरू हो गया है। शहर में करीब डेढ़ सौ स्थानों पर होलिका दहन होता है। औसतन एक होली में चार क्विंटल लकड़ी जलती है। इस प्रकार शहर भर में होली के दौरान करीब आठ सौ क्विंटल लकड़ी जल जाएगी। इसके लिए कुछ युवाओं द्वारा चोरी-छिपे हरे-भरे पेड़ भी काटे जा रहे हैं। बुधवार से होलिकाष्टक शुरू हो चुका है।

सज गए बाजार
यो-यो हनी सिंह अब सुरों की ही नहीं रंगों की होली खेलने को तैयार हैं। डोरेमोन, रोबोट, छोटा भीम से अलग हनी सिंह भी रंगों से सराबोर करेंगे। गली-मोहल्ले की दुकान ही नहीं शहर के प्रमुख बाजारों मेंरंग-पिचकारी के सैकड़ों विकल्प उपलब्ध हैं। नए रंग व पिचकारी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। बच्चे दुकानों पर विभिन्न रंग व डिजाइन की पिचकारी की खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। वहीं होली की पार्टी में पिचकारी में रंग भरकर साथियों को भिगोने के लिए भी लोगों ने अभी से तैयारी शुरू कर दी हैं।

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