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टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने माँ काली और हनुमान की प्रतिमाओं को तोड़ा, वामदल भी हुआ शिकार

टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने माँ काली और हनुमान की प्रतिमाओं को तोड़ा, वामदल भी हुआ शिकार
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को तीसरी बार सत्ता मिलते ही हिंसा का दौर शुरू हो गया है। राज्य भर में टीएमसी के गुंडे कार्यकर्ता तोड़फोड़, लूटपाट, ब्लात्कार की घटनाओं को अंजाम दे रहें है। अब तक करीब दर्जन भर भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की खबरें सामने आ चुकी है। इसके अलावा भाजपा ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ गैंगरेप का भी दावा किया है। इसी कड़ी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने तृणमूल समर्थकों पर कार्यालय में तोड़फोड़ का आरोप लगाया है।

एबीवीपी का आरोप है टीएमसी के गुंडों ने कोलकाता स्थित उनके कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की और वहां उपस्थित कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की। विद्यार्थी परिषद की महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा की जिन्होंने भी ममता बनर्जी के खिलाफ बोला, उनका खून बहाया जा रहा है। उन्होंने बताया की 50 की संख्या में तृणमूल के गुंडे नारेबाजी करते हुए कार्यालय में घुस आए, और जम कर उपद्रव किया। इसके अलावा कार्यालय में रखी माँ काली और भगवान हनुमान की प्रतिमाओं के साथ तोड़फोड़ की।

भगवान की मूर्ति तोड़ी -

निधि त्रिपाठी के अनुसार, तृणमूल समर्थकों ने माँ काली और भगवान हनुमान की प्रतिमाओं को नीचे गिरा कर उन्हें पैरों तले रौंदा। वे ये कहते हुए हमला कर रहे थे कि जिन्होंने ममता दीदी के चेहरे पर कालिख लगाई है, उनके खिलाफ बोला है, उन्हें हम बंगाल में नहीं रहने देंगे।

वाम कार्यकर्ताओं पर हमले -

भाजपा के साथ कई जगहों पर अब वाम दलों के कार्यकर्ता भी हिंसा का शिकार हो रहे हैं। वामदल ने भी कार्यालयों पर हमले की शिकायत की है। जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने कहा की टीएमसी को ये जनादेश लोगों के लिए काम करने के लिए मिला है, हिंसा के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के कार्यकर्ता विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

सीपीआईएम के नेता सीताराम येचुरी ने भी इसकी निंदा की है। उन्होंने कहा टीएमसी जिस तरह हिंसा कर अपनी जीत का जश्न मना रही है, वो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसी हिंसा का प्रतिकार किया जाएगा, ये स्वीकार्य नहीं है। येचुरी ने आरोप लगाया कि कोविड-19 महामारी से निपटने की बजाए ममता बनर्जी अराजकता फैलाने में लगी हैं। साथ ही उन्होंने कहा की सीपीआई लोगों की मदद, सुरक्षा और राहत देने के लिए हमेशा मौजूद रहेगा।

Updated : 2021-05-04T21:04:54+05:30
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स्वदेश वेब डेस्क

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