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उत्तराखंड में भाजपा को मिला बहुमत, कांग्रेस ने मानी हार

  • उत्तराखंड में भाजपा ने 48 सीटों पर बनाई बढ़त
  • मुख्यमंत्री धामी खटीमा से हारे

उत्तराखंड में भाजपा को मिला बहुमत, कांग्रेस ने मानी हार
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देहरादून। चुनाव आयोग से मिले रुझानों के अनुसार उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा एक बार फिर सत्ता में वापसी करती नजर आ रही है। उत्तराखंड में भाजपा 48 और कांग्रेस 18 सीटों पर आगे चल रही है। उत्तरखंड में मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री दोनों चुनाव हार गए है। भाजपा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चुनाव हार गए हैं। धामी वर्तमान में उत्तराखंड के सीएम थे। वह खटीमा से चुनाव लड़ रहे थे। वहीँ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत चुनाव हार गए है। उनकी पुत्री अनुपमा रावत चुनाव जीत चुकी है।

हरीश रावत ने मानी हार -

पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने लालकुआं विधानसभा चुनाव में अपनी पराजय को स्वीकार करते हुए कहा कि मैं जनता का विश्वास जितने में सफल नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि लालकुआं विधानसभा क्षेत्र से मेरी चुनावी पराजय की औपचारिक घोषणा ही बाकी है। मैं लालकुआं क्षेत्र के लोगों से जिनमें बिंदुखत्ता, बरेली रोड के सभी क्षेत्र सम्मिलित हैं, क्षमा चाहता हूं कि मैं उनका विश्वास अर्जित नहीं कर पाया और जो चुनावी वादे उनसे मैंने किये, उनको पूरा करने का मैंने अवसर गवां दिया है। बहुत अल्प समय में आपने मेरी तरफ स्नेह का हाथ बढ़ाने का प्रयास किया। मैं अपने आपको आपके बड़े हुए हाथ की जद में नहीं ला पाया।एक बार राजनीति स्थिति में स्थायित्व आ जाए, लोगों का ध्यान अपने दैनिक कार्यों पर आ जाए तो मैं, लालकुआं क्षेत्र के लोगों को धन्यवाद देने के लिए उनके मध्य पहुंचूंगा।


मुख़्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खटीमा विधानसभा सीट से लगातार पीछे चल रहे थे।धामी उत्तराखंड के तीसरे सीएम हैं।उन्हें करीब छह हजार वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस तरह से वे मुख्यमंत्री की हार के रिकॉर्ड को तोड़ नहीं पाए। वर्ष 2012 के चुनाव से प्रदेश के मुख्यमंत्री हारते आ रहे हैं, लेकिन उनके नेतृत्व में भाजपा की सत्ता में जोरदार वापसी हो रही है।

अनुपमा रावत जीती -


हरीश रावत लालकुआं से करीब आठ हजार वोटों से चुनाव हार गए है।जबकि उनकी पुत्री हरिद्वार ग्रामीण सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अनुपमा रावत ने जीत दर्ज कर ली है। उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद को शिकस्त दी है। ऐसा कर अनुपमा ने जहां जीत का स्वाद चखा वहीं अपने पिता पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की हार का बदला भी इस विधानसभा चुनाव में स्वामी यतीश्वरानंद को हराकर ले लिया है। अनुपमा की जीत की अभी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन उन्होंने जीत दर्ज कर ली है।

इन सीटों पर टक्कर -

कांग्रेस के दिग्गज नेता यशपाल आर्य भी अपने बाजपुर सीट पीछे चल रहे हैं। आर्य करीब 3 हजार वोट से पीछे हैं। उनके सामने भाजपा के राजेश कुमार हैं। वे आगे चल रहे हैं। यहां आम आदमी पार्टी की सुनीता टम्टा तीसरे नंबर पर हैं। यशपाल आर्य के बेटे और नैनीताल से विधायक संजीव आर्य भी पीछे हैं। वे करीब 1400 वोटों से पीछे चल हैं।उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री सीट पर आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री चेहरा कर्नल अजय कोठियाल भी पीछे चल रहे हैं। इस सीट पर अभी तक करीब ढाई हजार वोटों की गिनती हुई है। इसमें कर्नल कोठियाल को केवल 178 वोट ही मिले हैं। यहां भी भाजपा के सुरेश चौहान बढ़त बनाएं हुए हैं।

Updated : 2022-03-15T15:43:23+05:30
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स्वदेश वेब डेस्क

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