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भूरागढ़ में लगा मेला, लोगों ने केन नदी में किया स्नान

भूरागढ़ में लगा मेला, लोगों ने केन नदी में किया स्नान
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बांदा। शुक्रवार को बांदा की केन नदी में कुछ श्रद्धालुओं ने स्नान कर मकर संक्रांति का पर्व मनाया। भूरागढ़ किले में नट बलि की मौत को याद कर युवक-युवतियो ने किले के नटबली मंदिर में रेवड़ियों का प्रसाद चढ़ाया। कुछ लोग इस मंदिर को प्यार का मंदिर भी कहते है। वहीं लोगो ने पूर्व सैनिकों के साथ आजादी की लड़ाई में शहीद हुए शहीदों की कब्रगाह में पुष्प चढ़ाकर, मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजली दी। शहर के किनारे बहने वाली केन नदी में श्रद्धालुओं का सुबह से तांता लगना शुरू हो गया। उन्होंने नदी में डुबकी लगाकर स्नान कर ब्राम्हणों व गरीबो को दान-दक्षिणा कर खिचड़ी बांटी।

सदियों पुराना भूरागढ़ के किला में एक प्रसंग नटबली की प्रेम कथा का भी प्रासंगिक है। साथ ही क्रांतिकारियों की कुर्बानी के लिए याद किया जाता है। कहा जाता है कि एक युवा नट का राजा की पुत्री से प्रेम हो गया। जब इस प्रेम प्रसंग की चर्चा राजा को चली, तो राजा ने मंत्रियो से सलाह पर नट बलि से शर्त रखी कि अगर तुम केन नदी से किले तक का सफ़र एक धागे से पैर रखकर तय कर लोगे तो मै तुम्हारी और राजकुमारी की शादी कर दूँगा। नट बलि ने आधे से भी अधिक सफ़र रेशम के धागे में पूरा कर लिया। मंत्रियो ने राजा से कहा की राजा जी ये नट बलि को सफ़र पूरा करने वाला है अब इस नाचिये से आपको अपनी पुत्री की शादी करनी पड़ जायेगी।

राजा ने तलवार, चाक़ू, भाला सब का प्रयोग किया पर रेशम का धागा ना टूटा, इस पर राजा ने चमडा काटने वाले दांती/फरसा से धागा काट दिया। इससे नट बलि नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गयी। इसके अलावा जिले की सीमा में बहने वाली यमुना नदी में भी लोगों ने मकर संक्रांति पर स्नान कर दान आदि की क्रिया निभाई। चिल्ला के समीप और जिले के गांव के किनारे से बहने वाली केन में भी ग्रामीणों ने जाकर के भोर से ही नदी में डुबकी लगाकर स्नान किया। भूरागढ़ दुर्ग और नटबली मंदिर तक पहुंचने के लिए रेलवे लाइन क्रास करना जरूरी हो जाता है। रेलगाड़ियों के आने के समय में भी मेलहारी रेलवे लाइन क्रास करके आते-जाते रहे। पुलिस बल भी मेला की भीड़ को रोक नहीं सका। लगभग तीन बजकर 40 मिनट और 4 बजे के आसपास एक मालगाड़ी बांदा की ओर आयी दूसरी बांदा की ओर से खैरादा की ओर गई उस दौरान भी रेल लाइन दौड़-दौड़ कर लोग पार करते हुए दिखाई पड़े। जबकि रेल लाइन पार करना अपराध की श्रेणी में आता है।

सड़क पटरियों का वसूला गया किराया

भूरागढ़ दुर्ग में लगे नटबली के मेला में महोबा की ओर जाने वाली मुख्य सड़क की पटरियांं में बाइक और अन्य वाहन खड़ा करने का स्थानीय लोगों सहित सड़क के किनारे फुटपाथ पर खड़े ठेलिया वालों ने वाहन मालिकों से दस-दस रुपया वसूला। मजबूर मेलहारियों ने दस रुपया अदा कर सड़क पटरी पर वाहन खड़ा किया। केन नदी के बने सड़क पुल के पहले से लगाकर गांव के बाहर तक की सड़क पटरी पर वाहनों का लंबा जमावड़ा लगा था। इस हालात को ड्यूटी में लगे पुलिसजनों ने भी देखा लेकिन भीड़ भरे मेला में वह इस मनमानी को या तो जान नहीं पाए या तो फिर जानबूझकर अंकुश नहीं लगाया। जरूर महोबा की ओर जाने वाले कुछ बड़े वाहनों को बेरीकेटिंग के पास रोक करके पुलिस ने उन्हें वापस कर दिया। वापस करने में एक आयल भरने वाले ट्रक के बैक करने में लंबा जाम लग गया। पुलिस इस तमाशा को देखती रही। लेकिन जाम में लोग फंसे अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

पूर्व सैनिकों व अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व सैनिक संघ जिला इकाई ने विगत वर्ष की भांति सन 1857 के अमर शहीदों को भूरागढ़ किला में बनी समाधि स्थल में एकत्रित होकर दो मिनट का मौन रखा। भारत माता की जय का उद्घोष कर अमर शहीदों के जय उद्घोष के साथ श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर सभी उपस्थित पूर्व सैनिकों ने शहीद स्थल पर भारत-चीन, भारत-पाक एवं ऑपरेशन विजय के अमर शहीदों को भी याद कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर संघ अध्यक्ष सूबेदार एनके शुक्ला, संघ सचिव डीसी श्रीवास्तव, कैप्टन विश्राम सिंह, कैप्टन एलएस यादव, कैप्टन जयपाल प्रजापति, सूबेदार मान सिंह, डिप्टी जेलर शिवशरण, सूबेदार अवध नारायण मिश्रा, हवलदार तेज बहादुर मिश्रा, हवलदार सुरेश द्विवेदी, हवलदार रामलखन सिंह, हवलदार अवधेश दीक्षित, हवलदार सुरेंद्र सिंह परिहार, नायक चंद्रपाल प्रजापति आदि दर्जनों पूर्व सैनिक व समाज सेवी उपस्थित रहे।

Updated : 14 Jan 2022 2:34 PM GMT
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स्वदेश वेब डेस्क

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