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उप्र भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष की तलाश पूरी, हो सकता है चौकाने वले नाम का ऐलान

उप्र भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष की तलाश पूरी, हो सकता है चौकाने वले नाम का ऐलान
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भाजपा के नये प्रदेश अध्यक्ष की तलाश पूरी हो चुकी है, बस केवल औपचारिक घोषणा बाकी है। प्रदेश अध्यक्ष के रूप में स्वतंत्रदेव सिंह का कार्यकाल 16 जुलाई को पूरा हो चुका है। ऐसे में नये प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा पार्टी का केन्द्रीय नेतृत्व कभी भी कर सकती है।

आगामी लोकसभा चुनाव 2024 को भाजपा चुनौती के रूप में ले रही है। इसलिए इस बार यूपी भाजपा के अध्यक्ष को लेकर लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के नेताओं के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नये प्रदेश अध्यक्ष को लेकर केन्द्रीय नेताओं की प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ मंत्रणा हो चुकी है और बस केवल घोषणा ही करना बाकी है।

प्रदेश में मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर नजर डालें तो इस बार भाजपा उत्तर प्रदेश में अनुसूचित समाज या पिछड़े वर्ग से प्रदेश अध्यक्ष बना सकती है। क्योंकि केन्द्र सरकार ने सरकारी योजनाओं के माध्यम से पिछड़े और अनुसूचित समाज को भाजपा के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। इसलिए भाजपा इस वोटबैंक को खोना नहीं चाहती है। क्योंकि 2014 के लोकसभा चुनाव से यूपी में लगातार अनुसूचित समाज भाजपा से जुड़ रहा है। इसके बाद वर्ष 2017 का यूपी विधान सभा चुनाव और इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भी अनुसूचित समाज भाजपा के साथ रहा।

उत्तर प्रदेश में बसपा जैसे-जैसे कमजोर होती गयी वैसे-वैसे बसपा का अनुसूचित समाज भाजपा में शिफ्ट होता गया। वर्ष 2022 का विधान सभा चुनाव आते-आते अनुसूचित समाज की पहली पसंद भाजपा बन गयी। उत्तर प्रदेश में अनुसूचित समाज का 300 से अधिक विधान सभा सीटों पर अच्छा खासा प्रभाव है। इतनी बड़ी संख्या में अनुसूचित समाज एकजुट होकर भाजपा के साथ आया है तो भाजपा भी अब इस बड़े समूह को अपने साथ जोड़े रखना चाहती है। इसलिए अध्यक्ष के रूप में भाजपा की प्राथमिकता अनुसूचित समाज ही है।

इन नामों की चल रही चर्चा -

संविधान के मुताबिक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है। स्वतंत्र देव सिंह का कार्यकाल पूरा हो चुका है। अध्यक्ष के लिए भाजपा के कई सांसदों के नाम भी चल रहे हैं। अनुसूचित समाज से भाजपा की प्रदेश महामंत्री प्रियंका रावत, इटावा सांसद राम शंकर कठेरिया और सांसद विनोद सोनकर का नाम चर्चा में है। अगर भाजपा प्रियंका रावत को प्रदेश अध्यक्ष बनाती है तो अनुसूचित समाज के साथ महिला वर्ग का भी प्रतिनिधित्व हो जायेगा। वहीं पिछड़ा वर्ग से प्रदेश महामंत्री अनूप गुप्ता और सुभाष यदुवंश का नाम भी सामने आ रहा है। इसके अलावा अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम, नोएडा के सांसद डा. महेश शर्मा और बस्ती के सांसद हरीश द्विवेदी के नाम की भी चर्चा हो रही है।

भाजपा सर्व समाज की पार्टी -

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा किसी एक जाति या वर्ग विशेष की पार्टी नहीं है। भाजपा सर्व समाज की पार्टी है। भाजपा में सामान्य कार्यकर्ता भी पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बन सकता है। स्वतंत्र देव सिंह का कार्यकाल पूरा हो चुका है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व नये प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा जल्द करेगा।

Updated : 2022-08-06T22:49:59+05:30
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स्वदेश वेब डेस्क

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