सदन से बाहर गए सांसदों का कटेगा वेतन-लोकसभा अध्यक्ष

लखनऊ में 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन
संसद के आगामी बजट सत्र में लोकसभा सचिवालय द्वारा सांसदों की हाजिरी के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया जा रहा है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लखनऊ में 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में इसकी घोषणा की।
नए नियम के अनुसार अब सांसदों की उपस्थिति केवल सदन के अंदर अपनी निर्धारित सीट पर बैठकर ही दर्ज की जाएगी। यह व्यवस्था बजट सत्र से ही प्रभावी हो जाएगी, जो 28 जनवरी 2026 से शुरू होकर 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा।
नए सिस्टम में कैसे लगेगी हाजिरी
नए सिस्टम के तहत लोकसभा कक्ष में प्रत्येक सांसद की सीट पर पहले से स्थापित मल्टीमीडिया डिवाइस या कंसोल का उपयोग किया जाएगा। सांसद अपनी स्मार्ट आईडी कार्ड टैप करके, बायोमेट्रिक थंब इम्प्रेशन देकर या पिन एंटर करके हाजिरी दर्ज कर सकेंगे।
इस बदलाव का उद्देश्य
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य संसद की कार्यवाही में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन बढ़ाना है। संसद में कई बार विपक्षी सांसद हंगामा करके सदन स्थगित करा देते हैं, जिससे कार्यवाही प्रभावित होती है। नए नियम के तहत ऐसे सांसदों को भी सदन में उपस्थित रहना पड़ेगा, अन्यथा उनकी हाजिरी दर्ज नहीं होगी।
सांसदों की हाजिरी उनके दैनिक भत्ते (डेली अलाउंस) से जुड़ी होती है। यदि हाजिरी दर्ज नहीं हुई, तो एक दिन का वेतन-भत्ता कट सकता है।
डिजिटल और सीट-आधारित व्यवस्था यह सुनिश्चित करेगी कि सांसद वास्तव में सदन में मौजूद हों और कार्यवाही में भाग ले रहे हों। यदि कोई सांसद देरी से पहुंचता है और तब तक सदन स्थगित हो चुका होता है, तो उस दिन उसकी हाजिरी नहीं लगेगी।
