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मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने की बैठक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने की बैठक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के दिए निर्देश
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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को टीम-9 की बैठक में बाढ़ की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से राहत पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, गोंडा, श्रावस्ती सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ गांवों में बाढ़, अतिवृष्टि की समस्या है। मौजूदा स्थिति के अनुसार सभी नदियों का जलस्तर कम हो रहा है। प्रभावित लोगों की जरूरत का पूरा ध्यान रखा जाए। प्रभावित लोगों को तत्काल राशन आदि उपलब्ध कराया जाए। राहत कार्य पूरी तत्परता के साथ किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश कर रहीं औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से राज्य सरकार इंसेंटिव प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऐसे सभी प्रकरणों की गहन समीक्षा कर यथाशीघ्र यथोचित समाधान किया जाए।

व्यापारिक संगठनों से चर्चा -

योगी ने कहा कि प्रत्येक जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान, व्यापार व उद्योग विभाग के स्तर पर माह में एक बार तथा मंडलायुक्त व आईजी, डीआईजी स्तर से दो माह में एक बार व्यापारिक संगठनों के साथ अनिवार्य रूप से बैठक की जाए। ज्यादातर समस्याओं का हल स्थानीय से ही निकल सकता है। जो मामले स्थानीय स्तर पर हल न हो सकें, उन्हें शासन को संदर्भित करें। इस दिशा में सकारात्मक सोच के साथ कोशिश की जाए।

छात्रवृत्ति का भुगतान -

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों, स्कूल, कॉलेजों में दिव्यांग जन, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति संवर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का भुगतान समयबद्घ ढंग से हो। सामान्य वर्ग के बच्चों को शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था है। यह उनके लिए बड़ा सहारा है। सभी का पिछला बकाया तत्काल भुगतान कर दिया जाए। प्रत्येक दशा में दो अक्टूबर तक समस्त देय छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान कर दिया जाए।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय सहित सभी संवेदनशील शासकीय कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने की जरूरत है। इसके दृष्टिगत इन भवनों के सुरक्षा की जिम्मेदारी नवगठित "उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ)" को सुपुर्द करने पर विचार करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जानी चाहिए।

Updated : 2021-09-15T19:37:34+05:30
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स्वदेश वेब डेस्क

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