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बिहार, मप्र और राजस्थान को भी मिलेगा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का लाभ, प्रयागराज और आसपास के जिलों को दिल्ली, झांसी जाने मिलेगी कनेक्टिविटी

विरासत से समृद्ध बुंदेलखंड सांस्कृतिक पर्यटन का बनेगा हब, चित्रकूट में एयरपोर्ट भी जल्द होगा संचालित

बिहार, मप्र और राजस्थान को भी मिलेगा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का लाभ, प्रयागराज और आसपास के जिलों को दिल्ली, झांसी जाने मिलेगी कनेक्टिविटी
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ओडीओपी सहित अन्य औद्योगिक इकाइयों को मिलेगा बढ़ावा, बड़ी संख्या में निवेश से रुकेगा पलायन, युवाओं को मिलेगा रोजगार

लखनऊ/अतुल मोहन सिंह। दशकों से उपेक्षित शौर्य और वीरों की धरती बुंदेलखंड के दिन बहुरने वाले हैं। बुंदेलखंड को अब पिछड़ेपन का दंश से भी मुक्ति मिल सकेगी। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण से बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान को भी एक्सप्रेस-वे का लाभ मिलेगा। साथ ही दिल्ली, आगरा, झांसी जाने के लिए प्रयागराज और आसपास के जिलों को भी सहूलियत मिलेगी। बुंदेलखंड में एक्सप्रेस-वे से लेकर डिफेंस कॉरिडोर, टाइगर रिजर्व, हर घर जल जैसी कई योजनाएं संचालित हो रही हैं। इससे बुंदेलखंड के चहुंमुखी विकास को पंख लगेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में प्रदेश की सत्ता संभालने के बाद से ही बुंदेलखंड का गौरव लौटाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य शुरू किया था। जिसका नतीजा है कि एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, सिंचाई और जल परियोजनाओं सहित विरासत से समृद्ध बुंदेलखंड को सांस्कृतिक पर्यटन का हब बनाने के लिए कार्य किया गया। इसी के तहत चित्रकूट में एयरपोर्ट भी बनाया जा रहा है, जिसे जल्द संचालित किया जाएगा। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए बुंदेलखंड के 'एक जिला, एक उत्पाद' (ओडीओपी) कार्यक्रम सहित अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। बुंदेलखंड में पहली बार 68 सौ करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हुआ है और 50 निवेश प्रस्तावों में ढाई सौ करोड़ की लागत से 25 से अधिक इकाइयों ने उत्पादन शुरू किया है। इससे युवाओं का पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर उपलबध होंगे।

ऐसे पूरी होगी दिल्ली तक की यात्रा

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे चित्रकूट जिले के भरतकूप से बांदा, हमीरपुर, महोबा, जालौन, औरैया और इटावा होते हुए 296 किमी की यात्रा लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे तक पूरी करेगा। यहां से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे 135 किमी, यमुना एक्सप्रेस वे 165 किमी, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे 24 किमी, डीएनडी फ्लाईवे नौ किमी कुल 629 किमी की यात्रा दिल्ली से चित्रकूट तक निर्बाध गति से की जा सकेगी। बुंदेलखंड के सीधे दिल्ली से जुड़ने का लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा और पिछड़ेपन के दाग से बुंदेलखंड मुक्त हो सकेगा।

प्रयागराज से चित्रकूट होकर होगी दिल्ली की यात्रा

एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रयागराज के धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। बुंदेलखंड के साथ राजस्थान के श्रद्धालुओं को भी प्रयागराज आने में आसानी होगी। महाकुंभ-2025 में श्रद्धालुओं के लिए यह एक्सप्रेस वे काफी सुविधाजनक होगा। प्रयागराज के यमुना पार क्षेत्र के मिर्जापुर, सोनभद्र, मध्य प्रदेश के रीवा, सीधी और शहडोल के लोगों की भी दिल्ली की राह आसान होगी। अब प्रयागराज से दिल्ली जाने के लिए चित्रकूट होकर दिल्ली तक की यात्रा की जा सकती है।

बुंदेलखंड में अब डकैत नहीं, पर्यटकों की होगी भीड़

योगी सरकार के अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के कारण बुंदेलखंड में डकैतों का सफाया हो गया है। बुंदेलखंड का पाठा इलाका जहां लोग डकैतों के डर से जाते नहीं थे। वहां सरकार की टाइगर रिजर्व बनाने की योजना है। टाइगर रिजर्व देशभर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगा।

यूपी के प्रगति का प्रतीक बनेगा 'बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे

● जनपद चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा, जालौन, औरैया एवं इटावा के लोगों को विशेष लाभ।

● ₹14,800 करोड़ से निर्मित 296 किलोमीटर लंबा। 04 लेन (06 लेन तक विस्तारणीय)

● प्रवेश नियंत्रित होने के कारण सुरक्षित ईंधन व समय की बचत के साथ ही प्रदूषण नियंत्रण होगा।

● 4 रेलवे ओवरब्रिज, 14 दीर्घ सेतु 286 लघु सेतु, 224 अण्डरपास 19 फ्लाईओवर, 06 टोल प्लाजा 07 रैंप प्लाजा का निर्माण पूर्ण। 13 स्थानों पर इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी।

● ग्रीन एक्सप्रेस-वे, वाटर हार्वेस्टिंग पिट का निर्माण 7,00,000 पौधरोपण।

● 4 जन सुविधा परिसर एवं 4 स्थानों पर फ्यूल पम्प स्थापना का प्रावधान। सुरक्षा हेतु पुलिस पेट्रोलिंग कैटल केचर वाहन एवं एंबुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था।

● ट्रैफिक सुरक्षा हेतु एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम।

● एक्सप्रेसवे के बेहतर नेटवर्क एवं इंटर-कनेक्टिविटी से राज्य का हर छोर प्रदेश एवं देश की राजधानी से जुड़ जाएगा, तीव्र-सुगम ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी के साथ रोजगार एवं निवेश के अवसरों में बढ़ोत्तरी होगी।

● बुंदेलखंड के कम विकसित क्षेत्रों में कृषि, वाणिज्य, पर्यटन तथा उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

● उत्पादन इकाइयों, विकास केन्द्रों तथा कृषि उत्पादन क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जोड़ने हेतु औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में सहायक होगा हैंडलूम उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, भण्डार गृह, मण्डी तथा दुग्ध आधारित उद्योगों की स्थापना के लिए उत्प्रेरक बनेगा।

● एक्सप्रेसवे शिक्षण, प्रशिक्षण एवं मेडिकल संस्थानों की स्थापना हेतु अवसर सुलभ होंगे।

● यूपी डिफेंस कॉरिडोर को गति मिलेगी।

Updated : 2022-07-16T19:20:12+05:30
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