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दुबई में अयोध्या से पहले बन जाएगा भव्य श्रीराम मंदिर, अगले साल दीपावली में कर सकेंगे दर्शन

सिंधी गुरु दरबार मंदिर यहां स्थित हिंदुओं के पुराने मंदिरों में से एक है, जिसकी शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी.

दुबई में अयोध्या से पहले बन जाएगा भव्य श्रीराम मंदिर, अगले साल दीपावली में कर सकेंगे दर्शन
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अयोध्या/दुबई-ओम प्रकाश सिंह: राम नगरी अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के पहले दुबई में प्रभु श्रीराम का मंदिर बन जाएगा. इस मंदिर में हिंदू देवी देवताओं के ग्यारह मंदिर और होगें. इसे दीपावली 2022 में दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा. आबूधाबी में बीएपीएस संस्था गुजरात द्वारा बनवाया जा रहे मंदिर का निर्माण भी दो साल के अंदर पूर्ण हो जाएगा. दुबई में बन रहे मंदिर का निर्माण सिंधी गुरुद्वारा कमेटी करा रही है. बीते साल अगस्त में महामारी के दौरान दुबई के इस मंदिर की नींव रखी गई थी. दुबई के सामुदायिक विकास प्राधिकरण के मुताबिक, शहर के जेबेल अली इलाके में गुरु नानक सिंह दरबार के समीप इस मंदिर का निर्माण किया जा रहा है, जो कि दुबई में सिंधी गुरु दरबार का विस्तार है.

सिंधी गुरु दरबार मंदिर का विस्तार

दुबई के एक बैंक में कार्यरत अयोध्या निवासी विवेक तिवारी ने बताया कि सिंधी गुरु दरबार मंदिर यहां स्थित हिंदुओं के पुराने मंदिरों में से एक है, जिसकी शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी. मंदिर के ट्रस्टियों में से एक राजू श्रॉफ ने कहा, 'यह मंदिर संयुक्त अरब अमीरात और दुबई में लोगों के खुले विचारों और मानसिकता की पहचान है।' उन्होंने आगे कहा, '1950 के दशक में एक कमरे के पुराने मंदिर से 70,000 स्क्वॉयर फुट के मंदिर और कम्युनिटी सेंटर में तब्दील होने का इसका यह सफर दुबई के शासकों की उदारता और खुले विचारों को दर्शाता है.

दुबई में भव्य तरीके से बन रहा मंदिर

विवेक तिवारी के मुताबिक, यह मंदिर प्रभु श्रीराम के साथ हिंदुओं के 11 देवी-देवताओं का घर होगा. मंदिर का निर्माण 25,000 स्क्वॉयर फुट की जमीन पर होना है, जबकि पूरा परिसर 75,000 स्क्वॉयर फुट के विस्तृत इलाके में फैला होगा. ढांचे में दो बेसमेंट होंगे, एक ग्राउंड फ्लोर होगा और एक फर्स्ट फ्लोर होगा. मंदिर में एक 4,000 स्क्वॉयर फीट का बैंक्वेट हॉल भी होगा, जहां लगभग 775 लोगों के साथ आने की क्षमता होगी और एक 1,000 स्क्वॉयर फीट का मल्टीपर्पस रूम भी होगा, जो छोटे-मोटे समारोहों के लिए होगा. इसमें भाग लेने वाले लोगों की क्षमता 100 होगी. इस भ‍व्‍य मंदिर के निर्माण कार्य से हिंदू समुदाय में काफी खुशी है. इस मंदिर के लिए जगह दिवंगत शेख राशिद बिन सईद ने दिया था. इस मंदिर के निर्माण में 75 मिलियन दिरहम लागत आएगी. यह मंदिर सिंधी गुरुद्वारा कमेटी के द्वारा बनवाया जा रहा है. इस मंदिर के बनने के बाद चर्च, गुरुद्वारा और मंदिर एक ही स्थान पर हो जाएंगे. यानी तीन धर्मों के लोग एक साथ यहां पूजा अर्चना कर सकेंगे.


(निर्माणाधीन मंदिर की साइट)

पीएम मोदी ने किया था मंदिर का शिलान्यास

इसके अलावा आबूधाबी में भी दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर एक मंदिर बन रहा है. इस मंदिर की आधार शिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो वर्ष पूर्व रखा था. यह मंदिर बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था(बीएपीएस) के द्वारा करवाया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार इस मंदिर का निर्माण भी 2023 तक पूर्ण हो जाएगा. यह विशाल मंदिर 13.5 एकड़ जमीन पर निर्मित हो रहा है. आधार शिला समारोह में भारत से 50 पुजारियों ने हिस्सा लिया था. मंदिर का निर्माण राजस्थान के गुलाबी पत्थरों से कई चरणों में किया जाएगा. मंदिर के निर्माण के लिए पत्थरों की कटाई भारतीय कारीगरों द्वारा भारत में होगी जिसके बाद उन पत्थरों को अबू धाबी लाया जाएगा. मध्यपूर्व में पत्थरों से बना यह पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर होगा. 13.5 एकड़ (55 हजार वर्ग मीटर) में यह निर्माण हो रहा है. मंदिर के लिए जमीन भारतीय समुदाय को अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उपहार स्वरूप भेंट की है.

Updated : 16 March 2021 4:33 PM GMT
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Swadesh Lucknow

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