EPFO एक नई योजना पर काम कर रहा है, जिसके तहत फ्रीलांसर, गिग वर्कर्स और सेल्फ-एम्प्लॉयड लोग भी स्वेच्छा से PF में निवेश कर सकेंगे।
नौकरी करने वालों की तरह अब फ्रीलांसर, गिग वर्कर्स और सेल्फ-एम्प्लॉयड लोगों को भी भविष्य के लिए संगठित बचत का विकल्प मिल सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) एक ऐसे प्रस्ताव पर काम कर रहा है, जिसके तहत इन श्रेणी के लोग अपनी इच्छा से प्रोविडेंट फंड (PF) में निवेश कर सकेंगे। फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है और अभी इसे लागू नहीं किया गया है। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो लाखों ऐसे लोगों को रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित फंड बनाने का नया विकल्प मिलेगा, जो किसी कंपनी के पेरोल पर काम नहीं करते।
क्या है EPFO का नया प्रस्ताव?
मौजूदा व्यवस्था में EPF का लाभ मुख्य रूप से संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को मिलता है। इस व्यवस्था में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों योगदान करते हैं। लेकिन नए प्रस्ताव में फ्रीलांसर, गिग वर्कर्स और अपना कारोबार करने वाले लोग स्वैच्छिक आधार पर PF खाते में पैसा जमा कर सकेंगे। इस योजना का उद्देश्य उन लोगों को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना है, जिनकी आय नियमित नौकरी पर निर्भर नहीं है।
किसे मिलेगा फायदा?
अगर यह योजना लागू होती है, तो इसका लाभ इन लोगों को मिल सकता है:
फ्रीलांसर
गिग वर्कर्स (जैसे कैब ड्राइवर, डिलीवरी पार्टनर आदि)
सेल्फ-एम्प्लॉयड प्रोफेशनल
छोटे कारोबारी और स्वरोजगार करने वाले लोग
इनके पास अभी EPF जैसी नियमित रिटायरमेंट सेविंग की सुविधा नहीं होती, इसलिए यह योजना उनके लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कैसे कर सकेंगे निवेश?
प्रस्ताव के अनुसार, लाभार्थी अपनी आय और सुविधा के अनुसार PF खाते में योगदान कर सकेंगे। शुरुआती जानकारी की मानें तो निवेश की अवधि और राशि में लचीलापन रखा जा सकता है। संभावना है कि लोग अपनी जरूरत के हिसाब से मासिक, वार्षिक या अन्य तय अंतराल पर राशि जमा कर सकें। हालांकि, अंतिम नियम योजना को मंजूरी मिलने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
अभी प्रस्ताव पर चल रहा है काम
EPFO फिलहाल इस योजना के विभिन्न पहलुओं पर विचार कर रहा है। अभी तक इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है और न ही लागू होने की तारीख घोषित की गई है। ऐसे में फ्रीलांसर, गिग वर्कर्स और सेल्फ-एम्प्लॉयड लोगों को अंतिम नियमों और सरकारी घोषणा का इंतजार करना होगा। अगर यह योजना लागू होती है, तो देश के असंगठित और स्वरोजगार क्षेत्र के करोड़ों लोगों के लिए रिटायरमेंट प्लानिंग का एक नया रास्ता खुल सकता है।