उज्जैन में कार्तिक मेला ग्राउंड पर तीन पक्षों में हिंसक झड़प, जमकर लाठी-डंडे चले

उज्जैनः महाकाल की नगरी उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे कार्तिक मेला ग्राउंड में मंगलवार को हिंसक झड़प हुई। इसने शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। धार्मिक नगरी में खुले मैदान में बसे विभिन्न समाजों के डेरों के बीच उपजा यह विवाद देखते ही देखते सामूहिक मारपीट में बदल गया। इसमें लाठी-डंडों और पथराव का इस्तेमाल हुआ। झगड़ा पारदी, सांठिया,कंजर और गाडोलिए समुदाय के ढेरों के बीच हुआ।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना की जड़ असामाजिक गतिविधियां और नशाखोरी बताई जा रही हैं। शाम के समय अलग-अलग डेरों से आए कुछ युवक शराब पी रहे थे। इसी दौरान आपसी कहासुनी शुरू हुई, जो थोड़ी ही देर में पूरे इलाके में फैल गई। शोर सुनते ही आसपास के तंबुओं से बड़ी संख्या में लोग बाहर निकल आए और हालात बेकाबू हो गए।
मामला शांत कराने पहुंची पुलिस घायल
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन भीड़ को नियंत्रित करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। तनाव कम कराने के प्रयास के दौरान एक पुलिसकर्मी गिरकर घायल हो गया। झड़प में घायल हुए लोगों को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार किया गया। राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
पुलिस ने घटना के बारे में जानकारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कार्तिक मेला ग्राउंड में कई समाज के डेरे हैं। इसमें रहने वाले लोग महाकाल और काल भैरव मंदिर क्षेत्र में फेरी, धार्मिक सामग्री की बिक्री और भिक्षावृत्ति जैसे कार्यों से जुड़े हैं। लंबे समय से यहां अस्थायी डेरों की वजह से छोटे-मोटे विवाद होते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला हिंसा तक पहुंच गया।
प्रशासन अब पूरे क्षेत्र की गतिविधियों की समीक्षा कर रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है और भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए सख्ती बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
