Top
Home > टेक अपडेट > फेसबुक मेसेंजर और वॉट्सऐप पर वायरस का अटैक

फेसबुक मेसेंजर और वॉट्सऐप पर वायरस का 'अटैक'

फेसबुक मेसेंजर और वॉट्सऐप पर वायरस का

दिल्ली। ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन्स पर एक के बाद एक वायरस अटैक के मामले सामने आते हैं और अब एक खतरनाक मैलवेयर सामने आया है, जो मेसेजिंग ऐप्स को निशाना बना रहा है। दरअसल, यह ऐंड्रॉयड मैलवेयर फैमिली पॉप्युलर मेसेजिंग ऐप्स जैसे वॉट्सऐप और फेसबुक मेसेंजर पर अटैक कर रहा है। इस तरह मैलवेयर ऐंड्रॉयड यूजर्स की प्रिवेसी पर अटैक करने के साथ उनका डेटा चोरी करने की कोशिश करता है।

सामने आए मैलवेयर का नाम WolfRAT है और इसका कैंपेन थाईलैंड में यूजर्स को टारगेट कर रहा था। रिसर्चर्स का मानना है कि इस मैलवेयर को जर्मनी का एक स्पाईवेयर ऑर्गनाइजेशन Wolf Research ऑपरेट करता है। यह ऑर्गनाइजेशन सरकार को जासूसी करने से जुड़े टूल्स भी उपलब्ध करवाता है। अपने एनालिसिस में रिसर्चर्स ने कहा कि चैट डीटेल्स जैसे वॉट्सऐप रेकॉर्ड्स, मेसेंजर और एसएमएस में यूजर्स की सेसिंटिव इन्फॉर्मेशन हो सकती है और अक्सर लोग ऐसे डीटेल्स शेयर करने के बाद भूल जाते हैं।

रिपोर्ट में रिसर्चर्स ने कहा, 'हमें देखने को मिला है कि WolfRAT एशिया में ज्यादातर पॉप्युलर एनक्रिप्टेड ऐप्स को निशाना बना रहा है और यूजर्स की लापरवाही पर भारी पड़ सकता है। यह मैलवेयर एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड चैटिंग ऐप्स यूज करने वाले अलर्ट यूजर्स को भी चकमा दे सकता है और विक्टिम बना सकता है।' सिक्यॉरिटी कंपनी Cisco Talos के रिसर्चर्स का मानना है कि यह मैलवेयर डिवाइस पर भेजे गए फिशिंग/स्मिशिंग लिंक्स की मदद से इंस्टॉल हो सकता है।

डिवाइस में डाउनलोड होने के बाद WolfRAT किसी नॉर्मल ऐप जैसे Google Play Apps या फिर Flash Updates की तरह ही काम करता है। मैलवेयर com.google.services जैसे पैकेज नेम के साथ इंस्टॉल होता है, जिससे यूजर को इसपर शक ना हो और लगे कि यह पैकेज गूगल से जुड़ा है। वहीं, बैक-एंड में यह मैलवेयर मेसेजिंग ऐप्स के डेटा पर अटैक कर देता है और यूजर को पता तक नहीं चलता। इससे बचने के लिए केवल गूगल प्ले स्टोर से ऐप्स डाउनलोड करना एक तरीका है।

Updated : 21 May 2020 5:51 AM GMT
Tags:    

Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


Next Story
Share it
Top