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भारत में कब-कब हुए बड़े ट्रेन हादसे, जानिए

भारत में कब-कब हुए बड़े ट्रेन हादसे, जानिए
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नई दिल्ली। महाराष्ट्र के औरंगाबाद के कर्माड के नजदीक एक ट्रेन दुर्घटना में 16 लोगों की मौत हो गई है। एक मालगाड़ी की टक्कर से इन प्रवासी मजदूरों की मौत हुई है।

28 दिसंबर, 2013: आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में पुत्तापर्थी के पास बेंगलुरु नांदेड एक्सप्रेस के एक एसी कोच में आग लगने से 26 लोगों की मौत हुई जबकि 12 अन्य लोग घायल हुए। मरने वालों में दो बच्चे भी थे। हादसा उस वक्त हुआ जब ज्यादातर मुसाफिर सो रहे थे।

2 नवंबर, 2013: रायगढ़ से विजयवाड़ा जा रही ट्रेन ने आंध्र प्रदेश में गोतलाम रेलवे स्टेशन पर 8 लोगों को कुचल दिया।

19 अगस्त, 2013: बिहार के खगड़िया जिले में कावड़ियां लोग पटरियों के रास्ते गुजर रहे थे तभी तेज रफ्तार से आ रही समस्तीपुर से सहरसा जा रही राज्यरानी एक्सप्रेस ने इन्हें कुचल दिया। इस हादसे में कम से कम 37 लोग मारे गए।

26 मई, 2014: उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में गोरखधाम एक्सप्रेस ने एक मालगाड़ी को उसी ट्रैक पर टक्कर मार दी। हादसे में कम से कम 22 लोगों की मौत। यह दुर्घटना चुरेन रेलवे स्टेशन के पास हुई।

4 मई, 2014: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में कोंकण रेलवे रूट पर एक यात्री सवारी गाड़ी का इंजन और छह डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे में कम से कम 18 लोगों की मौत हुई जबकि 124 लोग घायल हुए।

17 फरवरी, 2014: नाशिक जिले के घोटी में निजामुद्दीन एर्नाकुलम लक्षद्वीप मंगला एक्सप्रेस के 10 डिब्बे पटरी से उतरे। तीन यात्रियों की मौत और 37 अन्य घायल हुए।

8 जनवरी, 2014: बांद्रा देहरादून एक्सप्रेस के तीन स्लीपर कोचों में आग लगने से चार लोग झुलस गए और पांच लोगों की मौत। यह हादसा सूरत के पास धनाउ रोड और घोलवड स्टेशन के पास हुआ। इस हादसे के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है हालांकि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने शॉर्ट सर्किट की संभावनाओं से इनकार किया।

20 मार्च, 2015 को एक बड़ी ट्रेन दुर्घटना हुई थी। देहरादून से वाराणसी जा रही जनता एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी, इस हादसे में 34 लोग मारे गए थे।

1 मई 2016: फैजाबाद-दिल्ली एक्सप्रेस हापुड़ के पास पटरी से उतरी, बाल-बाल बचे यात्री, कोई हताहत नहीं।

6 मई 2016: चेन्नै सेंट्रल-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस की एक अन्य ट्रेन से टक्कर, करीब 7 लोग घायल।

20 नवंबर, 2016: कानपुर के पुखरायां में इंदौर-राजेन्द्र नगर एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 150 से ज्यादा लोगों की मौत, 260 घायल।

28 दिसंबर, 2016: कानपुर के पास अजमेर-सियालदाह एक्सप्रेस के 15 कोच पटरी से उतरे, 40 से ज्यादा घायल।

21 जनवरी 2017: कुनेरू के पास जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 40 से ज्यादा की मौत, 68 घायल।

7 मार्च, 2017: एमपी के जबरी रेलवे स्टेशन के पास भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में बम फटा, 10 घायल।

30 मार्च, 2017: यूपी के महोबा में महाकौशल एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 50 से ज्यादा लोग घायल।

15 अप्रैल 2017: मेरठ-लखनऊ राज्यरानी एक्सप्रेस के 8 डिब्बे उत्तर प्रदेश में रामपुर के पास पटरी से उतरे, करीब 10 लोग घायल।

10 अक्टूबर 2018 को मालदा टाउन से नई दिल्ली जा रही न्यू फरक्का एक्सप्रेस (14003) के इंजन और नौ डिब्बे 10 अक्तूबर की सुबह रायबरेली के पास पटरी से उतर गए। इस दुर्घटना में 7 लोगों की जान चली गई जबकि 35 से अधिक यात्री घायल हो गए।

19 अक्टूबर को 2018 को अमृतसर में दशहरे के दिन हुए एक बड़े रेल हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। रैल ट्रैक के करीब रावण दहन देख रहे लोग तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गए जिसमें 61 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे में 100 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसा जोड़ा फाटक के पास हुआ।

भारतीय रेलवे के 166 साल के लंबे इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था कि इस साल किसी भी यात्री की जान नहीं गई है। इंडियन रेलवे ने दावा किया है कि इस वित्तीय वर्ष में एक भी यात्री की मौत नहीं हुई है। यानी भारतीय रेलवे के 166 साल के इतिहास में 2019-20 'जीरो पैसेंजर डेथ' का गवाह बना।

Updated : 8 May 2020 5:30 AM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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