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साक्षात्कार : हम विकास भी करेंगे और पर्यावरण संरक्षण भी - जयराम ठाकुर

साक्षात्कार : हम विकास भी करेंगे और पर्यावरण संरक्षण भी - जयराम ठाकुर

ओक ओवर मुख्यमंत्री निवास शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर देर शाम अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में व्यस्त हैं। इधर मुख्यमंत्री निवास में आमजन जो दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों से भी आए हैं, मिलने के लिए इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री को दूसरे ही दिन सुबह नई दिल्ली में भाजपा की शीर्ष बैठक के लिए रवाना होना है, जाहिर है इससे पहले प्रदेश के राजनीतिक, प्रशासनिक हालात पर मंत्रणा भी जरूरी है। मुख्यमंत्री निवास के अधिकारी भी चिंतित हैं क्या किया जाए? क्या आज आमजनों से भेंट निरस्त की जाए, पर यह निर्णय लेने से पहले मुख्यमंत्री से अनुमति आवश्यक है। संदेश भिजवाया जाता है। तुरंत संदेश आता है और थोड़ी ही देर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी आते हैं। तसल्ली से एक-एक के आवेदन को देखते हैं और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी देते हैं। मुख्यमंत्री की व्यस्तता को देख एक पल आशंका आती है कि आज भेंट शायद टल जाए, पर संदेश पहुंचते ही फिर संदेश आता है कि थोड़ी प्रतीक्षा करें और श्री जयराम ठाकुर देर रात स्वदेश को एक विशेष भेंट देते हैं। यह श्री जयराम ठाकुर की कार्य पद्धति का वैशिष्ट्य है। मुख्यमंत्री सचिवालय में भी स्पष्ट निर्देश हैं कि हर हाल में आम व्यक्ति से, दूरस्थ क्षेत्रों में निवास कर रहे सामान्य वर्ग के निवासियों से संवाद नियमित रखा जाए ताकि वह परेशान न हों। संवाद नहीं सेतु की यह अवधारणा सुबह शिमला में सुनी थी शाम को साकार दिखी। दो किश्तों में हुई बेहद आत्मीय एवं अनौपचारिक बातचीत में श्री जयराम ठाकुर ने न केवल प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का वर्णन किया, अपितु राजनीति पर भी अपने विचार रखे।

स्वदेश को दिए विशेष साक्षात्कार में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कहते हैं कि सभी वर्गों का साथ एवं सभी क्षेत्रों का विकास यह हमारी सरकार का प्रमुख उद्देश्य है। उपलब्धियों का जिक्र करें तो पूरा हिमाचल प्रदेश एक होकर आगे बढ़ रहा है। हिमाचल सरकार जनता की समस्याओं के निवारण पर भी ध्यान दे रही है। जनता को किसी कार्यालय के चक्कर न लगाना पड़ें, इसके लिए हमारे मंत्री जनता के पास जाकर समस्या का समाधान करते हैं। प्रशासन की उपस्थिति में जनता को समस्या बताने को कहा जाता है, फिर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर ही समस्या का समाधान करते हैं। इसी प्रकार हमने प्रदेश में सीएम हैल्प लाइन की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से जनता सीधे अपनी समस्या दर्ज कराती है और उसके त्वरित समाधान के प्रयास किए जाते हैं।

दूसरी महत्वपूर्ण योजना केन्द्र की है, प्रधानमंत्री जी ने आयुष्मान भारत योजना चलाई, यह योजना पूरे देश के लिए है। इस योजना के माध्यम से हिमाचल के 22 लाख लोगों को इसका लाभ मिल रहा था, जबकि हिमाचल की जनसंख्या 70 लाख है। हिमाचल प्रदेश की सम्पूर्ण जनता को इसका लाभ मिले, इसलिए हिमाचल सरकार ने अपनी योजना इन केयर प्रारंभ की। इसमें भी पांच लाख रुपए का स्वास्थ्य हित लाभ रखा गया और यह योजना इतनी कामयाब हुई कि एक साल में ही लगभग 45 हजार लोगों का इसमें उपचार किया गया।

उज्ज्वला योजना के बारे में हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कहते हैं कि केन्द्र सरकार की उज्ज्वला योजना को लागू करने के बाद प्रदेश में लगभग दो लाख परिवार छूट रहे थे। उसी योजना को और विस्तार देते हुए हिमाचल की सरकार ने गृहिणी सुविधा योजना शुरु की है। इस योजना के अंतर्गत हम उन दो लाख घरों तक भी गैस की सुविधा पहुंचा रहे हैं। हिमाचल एक ऐसा प्रदेश बनने जा रहा जहां गैस के बिना एक भी परिवार नहीं होगा।

इसके अतिरिक्त हमने ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का भी प्रयोग किया, जिसमें प्रधानमंत्री जी आए थे। हम राज्य सरकार और केन्द्र सरकार के माध्यम से हिमाचल का विकास कर ही रहे हैं, लेकिन प्रदेश में निजी निवेशक भी आएं, इसलिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट का कार्यक्रम धर्मशाला में किया। जिसमें 93 हजार करोड़ के एमओयू साइन किए गए। यह तीन चार योजनाएं प्रदेश को एक नई दिशा देने के लिए संचालित की जा रही हैं।

पर्यावरण और विकास यह एक चुनौती है? इस चुनौती को हिमाचल में आप किस रूप में देखते हैं? इस सवाल पर वे पर्यावरण नुकसान की बात को खुले मन से स्वीकार करते हुए कहते हैं कि सडक़ों का विकास होता है, तो पर्यावरण को भी नुकसान होता है। इसके लिए हमने प्रयास किया है कि सडक़ों का निर्माण करते हुए जितना पर्यावरण को नुकसान हुआ है, उसकी तुलना में और ज्यादा स्वच्छ पर्यावरण बना रहे, इसका प्रयास करना चाहिए। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए भी सरकार की ओर से कदम उठाए जा रहे हैं। फिर भी मैं कह सकता हूं कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। हम विकास भी कर रहे हैं और पर्यावरण का संरक्षण भी कर रहे हैं। आज भी हम पर्यावरण की तुलना में अन्य प्रदेशों से बहुत आगे हैं।

नौकरशाही की कार्यप्रणाली को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर स्पष्ट रूप में स्वीकार करते हैं कि नौकरशाही की पेंचीदगियां हैं और नौकरशाही का अपना एक तौर तरीका भी रहता है, लेकिन हिमाचल में जो ब्यूरोक्रेसी है, वह ठीक है। किसी काम को कराने के लिए पीछे लगना होता है।

जब मुख्यमंत्री से यह सवाल किया जाता है कि सत्ता और संगठन में समन्वय, एक बड़ी चुनौती है, खासकर जब पार्टी सत्ता में आती है, तो वे कहते हैं कि मुझे इसमें बहुत कठिनाई महसूस नहीं होती। मैं संगठन के विभिन्न दायित्वों पर रहा हूं। ऐसे बहुत कम उदाहरण होंगे, जो बहुत छोटे दायित्व से मंडल अध्यक्ष से लेकर जिला का अध्यक्ष, युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश उपाध्यक्ष फिर प्रदेश अध्यक्ष। मैं सत्ता और संगठन में भी साथ-साथ रहा हूं। इसलिए दोनों के बीच समन्वय करने में मुझे कठिनाई नहीं होती।

मोदी जी के नेतृत्व में भविष्य का भारत आप कैसा देखते हैं, के जवाब में जयराम ठाकुर कहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत की पहचान अलग तरह की बनी है और बाहर के देशों का भारत को देखने का दृष्टिकोण बदला है। बड़े निर्णय करना यह मोदी सरकार के प्रति जनता का विश्वास बन चुका है। भारत उन सभी विषयों से बाहर निकलेगा जो जटिल हैं, पेचीदगी वाले हैं और आने वाले समय में मोदी जी के नेतृत्व में भारत विकास की राह पर बहुत आगे जाएगा।

Updated : 5 Dec 2019 11:12 AM GMT
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