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ढ़लता करियर देख फिल्मी सितारे बने अभिनेता से राजनेता

ढ़लता करियर देख फिल्मी सितारे बने अभिनेता से राजनेता
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स्वदेश वेबडेस्क। दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत ने राजनीति में प्रवेश का एलान कर सभी को हैरान कर दिया है। वह जनवरी में स्वयं की राजनीतिक पार्टी बनाने की तैयारी कर रहे है। फिल्म अभिनेता और अभिनेत्रियों का राजनीति प्रेम नया नहीं है। फिल्मी करियर की ढलान पर कई कलाकार अभिनेता, अभिनेत्री से राजनेता, राजनेत्री के सफर पर जा चुके है। जिनमें से कई आज फिल्मी करियर में शिखर पर पहुंचने के बाद राजनीति के शिखर पर भी पहुंचे है। वहीँ कुछ ऐसे अभिनेता, अभिनेत्री भी है, जो फ़िल्मी परदे पर भले ही सफल हुए हो लेकिन राजनीतिक जीवन में फ्लॉप साबित हुए है।

यदि राजनीति के मंच पर सुपरहिट साबित हुए फ़िल्मी कलाकारों की बात करे तो ये सूची काफी लंबी है। इसमें दिवंगत अभिनेता सुनील दत्त, विनोद खन्ना, एमजी रामचंद्रन, जयललिता सहित कई अभिनेता, अभिनेत्रियों के नाम शामिल है।जिनमें से कई आज भी राजनीति की बुलंदियों के आसमान पर कायम है।

दक्षिण भारत से ये फिल्मी कलाकार राजनीति में हुए सुपरहिट -

एम.जी. रामचंद्रन -


एमजीआर के नाम से लोकप्रिय, रामचंद्रन एक लोकप्रिय भारतीय अभिनेता थे। उन्होंने अभिनय के साथ फिल्म निर्माण में भी भाग्य अजमाया था और उन्होंने एक सफल फिल्म निर्माता के नाम से भी पहचान बनाई। उन्होंने अपनी पार्टी अन्नाद्रमुक कांग्रेस की स्थापना की। राजनीति में प्रवेश के बाद वह तमिलनाडु की राजनीति में शिखर पर पहुंचे। उन्होंने साल 1977 से 1987 तक 10 वर्षों तक तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वह तमिलनाडु में एक सांस्कृतिक प्रतीक थे और उन्हें तमिल फिल्म उद्योग के सबसे प्रभावशाली अभिनेताओं में से एक माना जाता था। वह तमिलनाडु के लोगों के बीच इतने लोकप्रिय थे, कि उन्हें मक्कल थिलागम कहा जाता था, जिसका अर्थ है पीपल्स किंग।

जे. जयललिता -


तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री ने 1961 और 1980 की अवधि के दौरान 140 फिल्मों के साथ खुद को उद्योग में एक सफल अभिनेता के रूप में स्थापित करने के बाद राजनीति की ओर रुख किया। उन्हें अभिनेत्री के रूप में उनकी बहुमुखी प्रतिभा के लिए और उनके नृत्य कौशल के लिए भी प्रशंसा मिली। 1982 में, जयललिता अन्नाद्रमुक कांग्रेस में शामिल हो गईं। इस पार्टी की पार्टी की स्थापना एमजी रामचंद्रन ने की थी। जो उनके कई फिल्मों में सह-कलाकार भी थे।1991 में वह 42 साल की उम्र में पहली बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनी। वह सबसे कम उम्र की इस पद पर बैठने वाली सीएम थी। इसके बाद लगातार पांच बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रही। इसी पद पर रहते हुए 5 दिसंबर 2016 को जयललिता ने कार्डियक अरेस्ट के कारण दम तोड़ दिया।

चिरंजीवी -


चिरंजीवी ने अपने करियर की शुरुआत पुनाधीरल्लू के साथ एक अभिनेता के रूप में की थी। हालांकि उनकी पहली रिलीज़ प्रनाम ख्रीदु थी। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार बन गए। फिल्मी करियर में शीर्ष पर पहुंचने वाले इस अभिनेता ने 2007 में फिल्मों से ब्रेक ले लिया और राजनीति में प्रवेश किया। चिरंजीवी ने साल 2007 से 2017 तक अपने राजनीतिक करियर को संवारा। चिरंजीवी ने साल 2008 में आंध्र प्रदेश में प्रजा राज्यम पार्टी की स्थापना की। 2009 के आम चुनाव में उनकी पार्टी ने राज्य की 295 सीटों में से 18 सीटों पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने 2011 में अपनी पार्टी को कांग्रेस में विलय कर दिया और कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे।अक्टूबर 2012 से 2014 तक वह तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री रहे। वर्तमान में वह आंध्र प्रदेश से राज्य सभा के सांसद हैं।

विजयकांत-


विजयकांत भी दक्षिण भारतीय फिल्मों के प्रमुख अभिनेता है। अभिनय की दुनिया में सुपरहिट होने के बाद राजनीतिक जीवन में भी सुपर हिट है। वह 2011 से 2016 तक तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता थे। उन्होंने 2005 में केंद्र-वाम दल देसिया मुरपोकु द्रविड़ कज़गम की स्थापना के साथ राजनीति में प्रवेश किया। 2016 में एक चुनावी भाषण के दौरान, उन्होंने रजनीकांत की आलोचना की जिसके लिए उन्हें अपने प्रशंसकों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा था।

हिंदी फिल्मों के ये कलाकार राजनीति में हुए सुपरहिट -

सुनील दत्त -


सुनील दत्त 1950 से 1980 तक तीन दशकों तक बॉलीवुड में बतौर सुपरस्टार राज किया। साल 1955 में रेलवे प्लेटफॉर्म फिल्म से अपने अभिनय करियर की शुरुआत करने वाले सुनील दत्त ने अपने करियर में 100 से अधिक फिल्मों में काम किया। फिल्म मदर इण्डिया से उन्हें बतौर अभिनेता पहचान मिली और वह सुपरस्टार बन गए। फ़िल्मी दुनिया में शीर्ष पर रहे अभिनेता ने साल 1984 से अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और संसद पहुंचे। वे लगातार पांच बार संसद के लिए चुने गए। वह साल 2004 से 2005 तक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मंत्रिमंडल में खेल एवं युवा कल्याण मामलों के कैबिनेट मंत्री रहे। 25 मई 2005 को हृदयाघात से उनकी मृत्यु हो गई।

विनोद खन्ना -


साल 1970 से 1990 तक बॉलिवुड जगत में फिल्म जगत में बतौर सुपरस्टार रहे विनोद खन्ना राजनीतिक जीवन में भी शीर्ष पर पहुंचे। वह साल 1997, 1999 में दो बार पंजाब के गुरदासपुर क्षेत्र से भाजपा की ओर से सांसद चुने गए थे। वह 2002 से 2004 तक तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में राज्य मंत्री रहे। फिल्म और राजनीति दोनों जगत में सफल होने वाले अभिनेता की 2017 में मुंबई में कैंसर से मौत हो गई।

जया प्रदा -


जया प्रदा भारतीय फिल्म जगत की सफल अभिनेत्री है। उन्होंने 1970 से 1990 तीन दशकों तक भारतीय फिल्म जगत पर राज किया। उन्होंने तेलुगु, तमिल, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और मराठी फिल्मों में अभिनय किया है। उन्हें दो फ़िल्मफेयर पुरस्कार भी मिले।फिल्म जगत में नाम कमाने के साथ राजनीति में भी आज चर्चित नाम है। जया ने दक्षिण भारत के अभिनेता एनटीरामाराव की तेलुगुदेशम पार्टी से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। साल 1996 में वह पहली बार राज्यसभा सांसद के रूप में संसद पहुंची थी।बाद में उन्होंने समाजवादी पार्टी का दामन थामा और 2004 से 2014 तक रामपुर से सांसद रही। जया प्रदा हाल ही में समाजवादी का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुकी हैं।

राज बब्बर-


राज बब्बर एक हिंदी और पंजाबी फिल्म अभिनेता है।उन्होंने अपने अभिनय जीवन में कई सुपरहिट फिल्में दी और अपने अभिनय का लोहा मनवाया है। अपने फ़िल्मी करियर के ढलान पर उन्होंने राजनीतिक जीवन में कदम रखा और सफलता के झंडे गाड़े। वह कांग्रेस के टिकट पर तीन बार लोक सभा और दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे हैं। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं।

हेमा मालिनी -


बॉलीवुड जगत में ड्रीम गर्ल के नाम से मशहूर हेमा मालिनी वर्तमान समय में भारतीय जनता पार्टी की कद्दावर नेता और सांसद है। उन्होंने साल 1999 के आम चुनाव में पंजाब के गुरदासपुर में लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार विनोद खन्ना के लिए प्रचार किया। साल 2003 से 2009 तक वह राज्यसभा सांसद रही। फरवरी 2004 मे उन्होंने भाजपा की आधिकारिक सदस्यता ली। मार्च 2010 में हेमा को भाजपा का महासचिव बनाया गया। साल 2014 से अब तक वह मथुरा लोकसभा सीट से भाजपा सांसद है।

शत्रुघ्न सिन्हा-


फ़िल्मी परदे पर तीन दशकों तक अपने अभिनय का जलवा बिखेरने वाले बिहारी बाबू के नाम से प्रसिद्ध शत्रुघ्न सिन्हा ने भाजपा का दामन थाम राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।उन्हें 1992 के उपचुनाव में सह अभिनेता रहे राजेश खन्ना से हार मिली। इसके बाद वह दो बार भाजपा से सांसद बने और दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे। कुछ समय पहले भाजपा से नाराजगी के चलते उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ले ली।

फिल्म जगत से राजनीति में कदम रख जहां कई अभिनेता, अभिनेत्रियों ने सफलता को चूमा। वहीं कुछ अभिनेता,अभिनेत्री ऐसे भी है जो फिल्म जगत में शीर्ष पर पहुंचे लेकिन राजनीति में फ्लॉप हो गए है। ऐसे ही नामों में शामिल है -

राजेश खन्ना-


राजेश खन्ना को बॉलीवुड का पहला सुपरस्टार माना जाता है, उन्होंने पंद्रह हिट फ़िल्में दी हैं। उन्होंने 1966 में अपनी बॉलीवुड पारी अखरी खत के साथ शुरू की। उन्होंने कुल 163 फिल्मों में काम किया। उन्होंने 1991 में कांग्रेस से लोकसभा का चुनाव लड़ा, और लालकृष्ण आडवाणी से हार गए। बाद में वह 1992 में लोकसभा के सदस्य बने। इसके बाद अगला चुनाव वह फिर हार गए और राजनीति से सन्यास ले लिया।

अमिताभ बच्चन -


मेगा स्टार और सदी के महानायक के नाम से प्रसिद्ध अमिताभ बच्चन ने 80 के दशक में करियर की ढलान पर राजनीति में कदम रखा।वह कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा पहुंचे। लेकिन बोफोर्स विवादों में नाम आने के बाद उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली और फिल्म जगत में वापसी की।

धर्मेंद्र-


पांच दशकों से लगातार फिल्मी परदे पर छाए धर्मेंद्र ने साल 2004 में करियर के ढलान पर राजनीति में कदम रखा। उन्होंने भाजपा के टिकट पर बीकानेर से लोकसभा का चुनाव लड़ा और संसद पहुंचे। लेकिन उन्हें राजनीति रास नहीं आई और उन्होंने 2009 में राजनीति से सन्यास लेकर अभिनय की ओर वापसी की।




Updated : 2020-12-04T20:56:22+05:30
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Prashant Parihar

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