संघ कार्य के 100 वर्ष:गोल बाजार की शाखा में शामिल हो चुके हैं डॉ. हेडगेवार और गुरुजी

संघ कार्य के 100 वर्ष:गोल बाजार की शाखा में शामिल हो चुके हैं डॉ. हेडगेवार और गुरुजी
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रामाराव नायडू की देखरेख में हुआ केशव कुटी का निर्माण

वर्तमान संघ कार्यालय केशव कुटी का निर्माण कार्य तत्कालीन संघ प्रचारक स्व. रामाराव नायडू की देखरेख में आरंभ हुआ। इसके बाद रायपुर के संघ कार्यालय का निर्माण भी श्री नायडू की देखरेख में हुआ। यहां के बाद श्री नायडू जबलपुर आए और भारतीय मजदूर संघ के कार्य को गति प्रदान की। इसके पश्चात उन्हें विश्व हिंदू परिषद में भेजा गया और दमोह जिले के हटा में केंद्र बनाया गया, जहां उन्होंने श्रीराम मंदिर, श्रीराम गौशाला एवं पर्यावरण संवर्धन केंद्र को एक आयाम के रूप में स्थापित करने के लिए परिश्रम किया। वे सिवनी में भी प्रचारक रहे। वे मूलतः डोंगरगढ़, छत्तीसगढ़ के निवासी थे और वहीं से प्रचारक बने।

90 वर्ष पूर्व लगी थी जबलपुर की प्रथम शाखा

जबलपुर नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रथम शाखा श्रीनाथ की तलैया में लगाई गई। इस शाखा का शुभारंभ 6 जुलाई 1935 को हुआ था। यह पहली शाखा मोरुभाऊ केतकर के प्रयासों से प्रारंभ हुई। प्रथम दिवस की शाखा में लगभग 10 स्वयंसेवक उपस्थित थे। प्रथम शाखा में आने वाले स्वयंसेवकों में रामचंद्र ठोसर, भार्गव बंधु और परोलकर शामिल थे।

चंद्रकांत ठोसर के अनुसार, मोरुभाऊ केतकर कल्याण आश्रम का कार्य देख रहे थे और उनके भाई ब्रुक बॉन्ड कंपनी में कार्यरत थे। श्रीनाथ की तलैया की शाखा बाबासाहब आपटे तथा दादाराव परमार्थ की प्रेरणा से आरंभ हुई। दूसरी शाखा गोल बाजार (वर्तमान में शहीद स्मारक) में प्रारंभ हुई।

24 मार्च 1939 को डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार एवं माधव सदाशिवराव गोलवलकर ‘श्री गुरुजी’ जबलपुर आए। वे गोल बाजार शाखा में पूर्ण गणवेश में उपस्थित हुए थे। उस समय लगभग 400 स्वयंसेवकों के साथ आयोजित कार्यक्रम में पंडित कुंजीलाल दुबे, श्रीराम नन्होरिया (एडवोकेट) तथा मोती शंकर झा उपस्थित थे।

प्रारंभिक काल के स्वयंसेवकों में रामचंद्र ठोसर, गिरजा शंकर, द्वारिका तिवारी, सुभाष बनर्जी, सदाव्रत, अनंत राव ठोसर, माधव परांजपे, सीताराम विश्वकर्मा, टेकचंद्र चौरसिया, सुंदरलाल कछवाहा, विष्णु राम कांवरे, दमड़ी लाल जाट, जगदीश तिवारी तथा गोकुल प्रसाद अग्रवाल शामिल थे।

1972 में संघ के गुरुजी ने किया था केशव कुटी का शुभारंभ

नगर का पहला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय सिमरिया वाली रानी की कोठी में रहा। इसके बाद श्री कृष्णराव सप्रे का आवास ‘कृष्ण कुंज’ संघ का कार्यालय बनाया गया। यहां से संघ का कार्यालय राइट टाउन स्थित केशव कुटी में स्थानांतरित हो गया। वर्तमान में यहीं से संघ का कार्य संचालित हो रहा है।

केशव कुटी का शुभारंभ 1972 में संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिवराव गोलवलकर, उपाख्य श्री गुरुजी ने अपने जबलपुर प्रवास के दौरान किया।

सिमरिया वाली रानी की कोठी से केशव कुटी तक

नगर का पहला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कार्यालय सिमरिया वाली रानी की कोठी में रहा। इसके बाद कृष्णराव सप्रे के आवास ‘कृष्ण कुंज’ में कार्यालय बनाया गया। कुछ समय पश्चात यहां से संघ का कार्यालय राइट टाउन स्थित केशव कुटी में स्थानांतरित हो गया। वर्तमान में यहीं से संघ का कार्य संचालित हो रहा है।

संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक अखिलेश सप्रे ने बताया कि उनके पिता वनमाली दामोदर सप्रे ने उन्हें बताया था कि जबलपुर में संघ का कार्य आरंभ करने के लिए संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री आंबेकर और एकनाथ रानाडे यहां आए थे। कार्यालय को केशव कुटी स्थानांतरित करने में उनके ज्येष्ठ भ्राता कृष्णराव सप्रे का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा है।

“संसार में शांति और सुव्यवस्था के लिए समस्थिति, संतुलन की आवश्यकता होती है। जहां बलहीन और बलवान एकत्र रहते हैं, वहां अशांति अवश्यमभावी है। समान बल वालों में ही शांति तथा प्रेम रह सकता है।”

- डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार

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