UP चुनाव 2027 से पहले बनेगा पूर्वांचल राज्य, पीएम मोदी पूरा करेंगे मिशन: डॉ संजय सिंह

UP चुनाव 2027 से पहले बनेगा पूर्वांचल राज्य, पीएम मोदी पूरा करेंगे मिशन: डॉ संजय सिंह
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पूर्व केंद्रीय मंत्री का दावा 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बनेगा पूर्वांचल राज्य। 28 जिलों को मिलाकर नया राज्य बनाने की तैयारी।

अमेठी। उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए राज्य की मांग एक बार फिर चर्चा में है. पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजय सिंह ने दावा किया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वांचल अलग राज्य बनेगा, उनका कहना है कि इस मिशन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरा करेंगे और इसके लिए सड़क से सदन तक संघर्ष किया जाएगा ।

28 जिलों और 8 मंडलों को मिलाकर बनेगा पूर्वांचल

अमेठी के ददन सदन में बुधवार को आयोजित खिचड़ी भोज और स्नेह मिलन समारोह में डॉ संजय सिंह ने कहा कि प्रस्तावित पूर्वांचल राज्य में 28 जनपद, 8 मंडल, 165 विधानसभा सीटें और 33 लोकसभा क्षेत्र शामिल होंगे उन्होंने बताया कि पूर्वांचल की कुल जनसंख्या 7 करोड़ 98 लाख से अधिक होगी. जिसमें करीब 4.09 करोड़ पुरुष और 3.89 करोड़ महिलाएं शामिल हैं। क्षेत्रफल लगभग 86,684 वर्ग किलोमीटर होगा ।

किन मंडलों को मिलेगा नए राज्य में स्थान

डॉ संजय सिंह के अनुसार, पूर्वांचल राज्य में आने वाले मंडल इस प्रकार होंगे

  • वाराणसी मंडल
  • चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, वाराणसी
  • आजमगढ़ मंडल
  • आजमगढ़, मऊ, बलिया
  • प्रयागराज मंडल
  • प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़
  • विंध्याचल मंडल
  • मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही
  • अयोध्या मंडल
  • अयोध्या, अकबरपुर, सुल्तानपुर, अमेठी
  • देवीपाटन मंडल
  • गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती
  • गोरखपुर मंडल
  • गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर
  • बस्ती मंडल
  • बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीरनगर

पूर्वांचल राज्य से रुकेगा पलायन, बढ़ेगी आमदनी: डॉ अमिता सिंह

  • कार्यक्रम में मौजूद पूर्व मंत्री डॉ अमिता सिंह ने कहा कि अलग राज्य बनने से विकास की रफ्तार तेज होगी, उन्होंने कहा
  • पलायन पर रोक लगेगी
  • लोगों की आमदनी बढ़ेगी
  • कृषि जोतों का खंडन रुकेगा
  • स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे

खिचड़ी भोज समाज को जोड़ने का माध्यम: राजेश मसाला

जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश मसाला ने कहा कि खिचड़ी भोज जैसे सामाजिक आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं उन्होंने रामचरितमानस की चौपाई का पाठ करते हुए कहा कि सब कुछ रामचरितमानस में समाहित है, फिर भी कुछ लोग इसका विरोध करते हैं। उन्हें इसके मूल भाव से सीख लेनी चाहिए ।

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